कनीना। शहीद किसी जाति विशेष के नहीं वे राष्ट्र की धरोहर है। इनकी बदौलत ही आज हम आजाद भारत में चैन की खुली सांस ले रहे हैं। ये बात केंद्रीय सामाजिक एवं न्यायाधिकारिता मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने सोमवार को कनीना उपमंडल के गांव खरकड़ा बास में शहीद हरस्वरूप की आदम कद प्रतिमा का अनावरण करने उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि देश पर जब-जब भी संकट आया है तब-तब देश के वीर सैनिकों ने सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की बलि दी है। आजाद भारत के अक्ष में जम्मू कश्मीर देश का अटूट हिस्सा होने के साथ हमारा सरताज है जिसकी रक्षा करना हम सब का परम कर्तव्य है। इस समय भारत देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सभी वर्गों का सम्मान रूप से विकास हो रहा है।
इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि भिवानी-महेंद्रगढ हलके के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह थे। जिन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शहीदों की शहादत का भुलाया नहीं जा सकता। जो कौम अपने शहीदों को भूला देती है वो मिट जाया करती है। उन्होंने इस अवसर पर सांसद ने 21 लाख रूपये युवाओं के लिए प्रेरणादायक स्मारक बनाने के लिए देने की घोषणा की।
5 राजपूत राइफल के जवान एवं ब्लैक कैट कमाडों शहीद हरस्वरूप की प्रतिमा के अनावरण समारोह में शहीद के भाई एवं सीआरपीएफ के निरीक्षक होशियार सिंह खटाना ने उनके जीवन से जुड़े हुए पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शहीद हरस्वरूप 1997 में फतेहगढ भर्ती केंद्र से भर्ती हुए थे। बारहवीं कक्षा पास हरस्वरूप 2004 से 2006 तक एनएसजी में ब्लैक केट कमाडों रहा था। शहादत के दौरान उनकी ड्यूटी कुपवाड़ा स्थित एलओसी पर थी। जो 29 जून 2015 को दुश्मनों से लौहा लेते हुए शहीद हो गया था। शहीद हरस्वरूप अपने पीछे बेटा चेतन, बेटी प्रिया व दिव्या छोड़ गए। इस मौके पर तहसीलदार निर्मला दहिया, कनीना थानाप्रारी कैलाशचंद, पंचायत समिति कनीना की चेयरपर्सन सरला देवी, बलबीर खटाना, मा. किशनलाल, देवेंद्र निंबल, विजय कौशिक, कर्ण सिंह कोका, राजेंद्र नबरदार धनौंदा सहित प्रशासनिक अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित थे।