नारनौल। अवैध खनन की जानकारी मिलने पर खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने रात को छापामारी कर पांच वाहनों को जब्त किया है। आरोपी मौके से एक जेसीबी और एक ट्रक लेकर फरार हो गए। टीम ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। खनन अधिकारी का कहना है कि अवैध खनन को रोकने के लिए डीसी के संज्ञान में मामले को लाया जाएगा। इसके अलावा ब्लास्टिंग के लिए एक्सप्लोसिव उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जिला खनन अधिकारी राजेश सांगवान ने बताया कि नांगल चौधरी क्षेत्र में खनन से संबंधित अतिसंवेदनशील गांवों में अभियान चलाया गया। यह अभियान बुधवार रात 11 से सुबह 7 बजे तक चला। निरीक्षण टीम में अतिरिक्त खनन निरीक्षक राजेश कुमार, खनन रक्षक नरेंद्र कुमार, सुनील कुमार, एएसआई सतपाल सिंह, कांस्टेबल विपिन कुमार शामिल थे। नांगल कालिया गांव की नदी से अवैध खनन की बजरी से भरी दो ट्रैक्टर ट्रालियों को थाना नांगल चौधरी में इंपाउंड करवाया गया। इसी प्रकार पत्थर से भरे दो ट्रक को भी पुलिस चौकी निजामपुर में बंद करवाया। काफी समय से ग्राम मुसनौता से पत्थर के अवैध खनन की शिकायत मिल रही थी। खनन अधिकारी ने दिन में मुआयना कर रात में टीम के साथ छापामारी की। मौके से पत्थरों से भरा एक ट्रक पकड़ा। खनन करने वाले मौके से जेसीबी और एक ट्रक लेकर भागने में कामयाब रहे। गांव मुसनौता में पत्थर का अवैध खनन मुकेश पुत्र दातराम उसके भाई और अन्य लोगाें द्वारा किया जा रहा था। 20 जुलाई को मुकेश पुत्र दाताराम के खिलाफ एक शिकायत पहले ही खनन अधिकारी द्वारा पुलिस अधीक्षक को भिजवा दी गई थी।
इसी प्रकार गांव बखरीजा के खानों से भी अवैध खनन किए पत्थर से भरे एक ट्रक को निजामपुर चौकी लाकर बंद करवा दिया गया। पत्थर से भरकर मारोली गांव से लाई जा रही एक ट्रैक्टर ट्राली को भी सदर थाना नारनौल में बंद करवाया गया।
खनन अधिकारी ने बताया कि गांव मुसनौता और नांगल कालिया में जिला मजिस्ट्रेट ने धारा-144 लगाई है। इसमें सरपंच और पंचायतों का सहयोग न मिलने के कारण अवैध खनन को रोकने में कठिनाई आ रही है। खनन अधिकारी ने बताया कि उपायुक्त के संज्ञान में इस विषय को लाएंगे ताकि जिले में कहीं पर भी किसी प्रकार का अवैध खनन नहीं होने पाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में भी इस तथ्य को लाएंगे कि पत्थर का अवैध खनन करने वाले अवैध तरीके से ब्लास्टिंग सामग्री खरीदकर खनन करते हैं। ऐसे में जो विस्फोटक सामग्री उपलब्ध करवाता है उसके विरुद्ध भी एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।