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स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर, मरीज रहे परेशान

Wed, 10 Aug 2016 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मरीज - फोटो : अमर उजाला
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नारनौल में प्रदेश सरकार द्वारा एनएचएम कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर उन्हें आउटसोर्सिंग के तहत करने के विरोध स्वरूप एनएचएम कर्मचारी मंगलवार से दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर जाने के कारण नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पहले ही चिकित्सकों व कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे नागरिक अस्पताल में एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर जाने से अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार की सेवाएं पूर्ण रूप से बंद रही। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने दूसरी जगह तैनात कुछ नियमित कर्मचारियों को बुलाकर नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों को जरूरी सेवाएं देने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारी कम व मरीज अधिक होने के कारण अस्पताल प्रशासन की यह कोशिश सफल नहीं हो पाई।

बिना टेस्ट कराए लौटे मरीज
सबसे अधिक परेशानी का सामना खून, पेशाब, शूगर आदि की जांच करवाने आए मरीजों को करना पड़ा, क्योंकि जहां चार से पांच कर्मचारी तैनात रहते है, वहां मात्र एक कर्मचारी तैनात था। वह भी किसी अन्य वार्ड से बुलाया गया था। जिस कारण अनेक मरीजों को बिना जांच करवाएं ही निराश होकर लौटना पड़ा या फिर किसी निजी क्लीनिक पर पैसे देकर उक्त सभी जांच करवानी पड़ी। इसके अलावा 102 एंबुलेंस कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल रहे। जिसके चलते एंबुलेंस के पहिये दिनभर थमे रहे, केवल आपातकालीन सेवा के लिए ही एंबुलेंस का संचालन हो पाया। जिसके चलते विशेषतौर पर प्रसुता महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि डिलीवरी के पश्चात अस्पताल में छुट्टी मिलने के बाद प्रसुता को एंबुलेंस द्वारा घर तक छोड़ने की जिम्मेवारी होती है, लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण ऐसी महिलाओं ने एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पाई। जिसके चलते उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
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यह कहना है मरीजों का
-गांव सलूनी निवासी सतीश कुमार ने बताया कि उसे तेज बुखार है। जिसके लिए सुबह दस बजे से लाइन में लगने के बाद बड़ी मुश्किल से नंबर आया है। चिकित्सक ने खून की जांच करवाने के लिए लिखा है, लेकिन खून की जांच के लिए केवल एक कर्मचारी है और मरीजों की संख्या काफी अधिक है।

-गांव निहालावास निवासी रामकिशन ने बताया कि उन्होंने पांच दिन पूर्व खून व पेशाब की जांच करवाई थी, लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी उसे जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करवाई जा रही। आज भी उसे कर्मचारी हड़ताल पर होने की बात कहकर वापस लौटा दिया।

-गांव बाछौद निवासी मोहम्मद खान ने बताया कि उसकी पत्नी ने नागरिक अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया है। जिसे मंगलवार को छुट्टी दे दी गई। जिसे घर ले जाने के लिए जब वह एंबुलेंस के लिए कंट्रोल रूम पहुंचा तो पता चला की कर्मचारी हड़ताल पर है। जिसके चलते उसे मजबूरन निजी वाहन सहारा लेना पड़ा है।

-मोहल्ला सलामपुरा निवासी संदीप ने बताया कि उसकी पत्नी की सोमवार को डिलीवरी हुई है, लेकिन 24 घंटे बीतने के बाद भी उसकी पत्नी को छुट्टी नहीं दी गई है। चिकित्सक कभी खून तो कभी पेशाब की जांच के लिए लिख रहे है, जबकि खून व पेशाब की जांच करने वाले कर्मचारी दो दिन तक हड़ताल पर है।
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एनएचएम के तहत आने वाले सभी कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर है। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते उनके स्थान पर अन्य जगह के नियमित कर्मचारियों को तैनात किया गया है। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं आपातकालीन सेवाएं सुचारु रूप से चालू रखा गया है।
डा. अशोक कुमार, डिप्टी सीएमओ नागरिक अस्पताल
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