बिजली विभाग के इंजीनियरों ने मांगा सामूहिक स्थानांतरण
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नारनौल। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के नारनौल कार्यकारी अभियंता जगदीश चंद्र जैन और महेंद्रगढ़ के कार्यकारी अभियंता रणबीर सिंह के नेतृत्व में बिजली चोरी पकड़ने का अभियान चलाया गया। इस मौके पर अधिकारियों के साथ निगम के उपमंडल अधिकारी, कनिष्ठ अभियंता व अन्य तकनीकी स्टाफ था। इसके अलावा चोरी पकड़ने के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए नायब तहसीलदार रतन लाल व 40 से ज्यादा पुलिस कर्मी भी टीम के साथ मौजूद थे। इस अभियान के तहत निगम ने दर्जन भर लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मामला बनाकर उन पर करीब दस लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
अभियान के तहत निगम की टीम सबसे पहले नांगल चौधरी उपमंडल के गांव भुगांरका पहुंची, जहां राजेश कुमार, राजेंद्र सिंह, बिक्रम, बनवारी लाल, विद्या देवी, कमलेश देवी के घरों को चैक किया गया, जहां टीम को बिजली चोरी हुई पाई गई। जिस पर निगम टीम ने उक्त सभी लोगों के खिलाफ बिजली चोरी केस बनाए। इसके बाद यह टीम गांव अकबरपुर पहुंची। जहां उन्होंने राकेश, चंदगीराम व हरी सिंह को बिजली चोरी करते पाया गया। जिनके खिलाफ भी निगम के दिशा निर्देशानुसार बिजली चोरी के मामले बनाए गए तथा उन पर लाखों रुपये की राशी जुर्माने के रूप में लगाई। कार्यकारी अभियंता जगदीश चन्द्र जैन ने बताया कि बिजली चोरी करते हुए पकड़े गए उपभोक्ताओं द्वारा अगर जुर्माना राशी निर्धारित समय पर नहीं भरी गई तो उनके खिलाफ विभाग के थाने में मामला दर्ज किया जाएगा। कार्यकारिणी अभियंता ने बताया कि बिजली चोरी अभियान के तहत कई उपभोक्ता अपने आपको हरियाणा रोडवेज का कर्मचारी, कोई जज का रीडर तो कोई पंचायत समिति का सदस्य बताकर बिजली चोरी से बचने की कोशिश की, परंतु निगम की टीम ने किसी न सुनी और सभी के खिलाफ बिजली चोरी के केस बनाए। अधीक्षक अभियंता नवीन कुमार वर्मा ने बताया कि प्रशासन व पुलिस सहायता से ड्यूटी मैजिस्ट्रेट द्वारा बिजली चोरों को पकड़ा जा रहा है, क्योंकि यह बिजली चोर प्रदेश सरकार की उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली देने की योजना में बाधक बने हुए है। उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की कि जिन उपभोक्ताओं के पास कनेक्शन नहीं है वे तुरंत कनेक्शन ले। उन्होंने बताया कि जब तक बिजली चोरी होती रहेगी निगम का यह अभियान भी जारी रहेगा।