महेंद्रगढ़ में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में 21 सिंतबर को दिखाए गए विवादस्पद नाटक द्रोपदी को लेकर किया जा रहे आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। पांच दिन से चल रहे आंदोलन को अब राजनैतिक पार्टियों ने भी अपना समर्थन दे दिया है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंदोलन की उग्रता को देखकर सोमवार को पत्रकारों के समक्ष नाटक को लेकर खेद जताया है। सोमवार को भूतपूर्व सैनिक संघर्ष समिति के तत्वाधान में सैनिक सम्मान संघर्ष समिति, विभिन्न संगठनों, ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय गेट न. 2 पर धरना प्रदर्शन किया तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। तत्पश्चात एडीसी आर.एस. वर्मा को महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान एडीएसी आर एस वर्मा ने उन्हें एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम थे। किसी बड़ी घटना से बचने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल गेट पर तैनात था।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में 21 सिंतबर को दिखाए गए विवादस्पद नाटक द्रोपदी को लेकर सुबह 10 बजे सैकड़ों की संख्या में भूतपूर्व सैनिक, अभाविप के सदस्य तथा ग्रामीणों में जबरदस्त जोश दिखाई दिया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग हाथ में तिरंगा तथा भारत माता के जयकार लगाते हुए गाड़ियों एवं पैदल चल कर आ रहे थे। इस दौरान अनेकों लोगों ने आकर अपना समर्थन दिया। भाजपा एवं कांग्रेस पार्टी भी सैनिक सम्मान के लिए एक मंच पर नजर आई। इस दौरान अनेकों वक्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। सुबह 10 बजे से 1 बजे तक चले धरने के बाद संघर्ष समिति तथा विभिन्न संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नाम ज्ञापन सौंपा है जिसमें वीसी आर.सी.कुह़ाड़, रजिस्ट्रार रामदत्त, एसो. प्रो.संजीव कुुमार, प्रो.मनोज, प्रो. स्नेशता के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस मौके पर अभाविप के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद शास्त्री, कैलाश पाली, अमित मिश्रा, पार्षद प्रदीप मालडा, विनोद तंवर, जयवर्धन यादव सहित अनेकों लोग उपस्थित थे।
भाजपा के जिला अध्यक्ष शिव कुमार ने धरने का समर्थन करते हुए कहा कि अभी एलओसी पर तनाव की स्थिति है। यह समय सैनिकों का हौसला बढ़ाने का है न की तोड़ने का। विश्वविद्यालय में विवादस्पद नाटक में सैनिकों की वर्दी पर जो दाग लगाया है उसका भाजपा पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने मामले की उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की है।
इस संबंध में हरियाणा कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव सतबीर झुकिया ने कहा कि उनकी पार्टी सैनिकों के साथ। जब तक यह आंदोलन चलेगा तब तक पार्टी उनके साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सैनिकों का अपमान सहन नहीं करेगी। इस मामले की उच्च अधिकारियों से जांच करवाई जाए ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो सके।
इस संबंध में सैनिक सम्मान संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय राव ने बताया कि सोमवार को सैकड़ों लोगों ने धरने का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के नाम एडीसी को ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि एडीसी ने उन्हें कार्रवाई के लिए 4-5 दिन का समय दिया। उन्होंने बताया कि 6 सदस्यीय टीम में बाहर से तीन लोगों को शामिल किया गया है जिनमें सरताज ग्रुप के पीआरओ कुलदीप सरताज, प्रमोद शास्त्री तथा सेवानिवृत्त सूबेदार रामस्वरूप को शामिल किया गया है। जब तीनों सदस्य जांच से संतुष्ट होंगे तभी आंदोलन खत्म होगा अन्यथा 1 सितंबर को यादव धर्मशाला में मीटिंग बुलाकर आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
इन्होंने दिया समर्थन
इस मौके पर जिला परिषद प्रमुख राजेश देवी, भाजपा नेता अजित सिंह, समाज सेवी पप्पल यादव, सरतजा ग्रुप के पीआरओ कुलदीप यादव, भाजपा मीडिया प्रभारी नौरंग बसई, नगरपालिका महेंद्रगढ़ की ओर से पार्षद डा. तरुण, पंचायत समिति के चेयरमैन मंगल सिंह, जिला पार्षद विक्की खुडाना, सरपंच एसोसिएशन के प्रधान विष्णु डाबड कर्मचारी नेता बाबुलाल, शकुंतला महायच, महामंत्री रमेश तंवर सहित अनेकों लोगों ने अपना समर्थन दिया।
इस मौके पर एडीसी आर.एस. वर्मा ने कहा कि प्रशासन को कार्रवाई के लिए चार-पांच दिन का समय चाहिए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के लिए 6 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई हुई है। जो मामले की जांच में लगी है। जांच आने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
इस मंचन का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ महिला संबंधी साहित्यिक पहलुओं को छूना था, न कि सैनिकों का अपमान करना। हकेंविवि ने स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर हमेशा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। किसी भी रूप में सैनिकों के योगदान को नकारा या नजर अंदाज करना कभी भी विवि का मकसद नहीं रहा।
संजीव कुमार, अंग्रेेजी विभागाध्यक्ष, विवि
21 सिंतबर को विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाटक द्रोपदी का उद्देश्य किसी को आहत करने का नहीं था, किंतु फिर भी यदि इस संयोजन के किसी भाग से कोई भी नागरिक आहत हुआ हो तो विश्वविद्यालय प्रशासन उसके लिए मन से खेद व्यक्त करता है। विवि प्रशासन ने एक जांच के लिए एक 6 सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी की बैठक 28 सितंबर को होगी। इसके बाद कमेटी एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप देगा। उस पर विवि नियमानुसार कार्रवाई करेगा। विवि इस राज्य के समस्त सम्मानित नागरिकों, सैनिक भाइयों एवं युवाओं से सहयोग की अपील करता है। -रामदत्त, रजिस्ट्रार