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कर्मचारी हड़ताल पर, बिजली ने बिगाड़ी पेयजल व्यवस्था

Thu, 30 Jun 2016 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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हड़ताल
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बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बुधवार को ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिले में 75 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इनमें कच्चे और पक्के 727 कर्मचारी शामिल हैं। हड़ताल के कारण गांव रातभर अंधेरे में रहे। शहरी क्षेत्रों के शिकायत केंद्र ताले लगे नजर आए। दूसरी तरफ हड़ताल के बावजूद बिजली के बिल भरने और अन्य शिकायतों का निवारण भी किया गया। पुलिस की मौजूदगी में फीडरों को चलाया गया। कई नए कच्चे कर्मचारी भी लगाए गए।
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प्रशासन और निगम के अधिकारियों ने हड़ताल के कारण आवश्यक सेवाएं प्रभावित नहीं होने देने का दावा किया हो, लेकिन दावों के विपरीत रात को ही कई गांवों की बिजली ठप रही। 18 घंटे बीतने के बाद भी आपूर्ति सुचारु नहीं हो पायी थी। नारनौल 220 केवी सब स्टेशन पर शराब के नशे में धुत कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात मिला। उसको यह भी नहीं पता था कि किस फीडर की सप्लाई चालू है और किस फीडर की आपूर्ति ठप है। 220 केवी सब स्टेशन से नारनौल क्षेत्र के सैकड़ों गांवों को आपूर्ति की जाती है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन और निगम के  अधिकारी उपभोक्ताओं की सुविधाओं के लिए कितने सजग हैं।

75 प्रतिशत कर्मचारी रहे हड़ताल पर
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर बुधवार से शुरू दो दिवसीय हड़ताल में करीब 75 प्रतिशत कर्मचारी रहे। जिले में 958 के करीब कच्चे और पक्के कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें 727 के करीब कच्चे और पक्के बिजली कर्मचारियों ने भाग लिया।
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सभी सब स्टेशनों पर तैनात रही पुलिस
हड़ताली कर्मचारियों द्वारा बिजली आपूर्ति में व्यवधान डालने से बचाने के लिए जिले के सभी सब स्टेशनों पर पुलिस बल तैनात था। हड़ताल के चलते नारनौल के किला रोड स्थित बिजली शिकायत केंद्र पर दिनभर ताला लटका रहा। बिजली शिकायत केंद्र पर दिनभर फोन की घंटी घनघनाती रही। नारनौल के महेंद्रगढ़ रोड स्थित 220 केवी सब स्टेशन में शराब के नशे में धुत कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात रहा। उक्त कर्मचारी पंचकूला से आए एक्सईएन के सामने ही मौज मस्ती करता रहा। इसके बावजूद भी अधिकारी ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई। इसकी सूचना उपायुक्त संजीव वर्मा को मोबाइल द्वारा दी गई।

चितवन वाटिका में जुटे कर्मचारी
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर निर्धारित हड़ताल में बिजली कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कर्मचारी सुबह करीब 9 बजे चितवन वाटिका में सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने सरकार से बिजली निगम के 23 सब डिवीजनों को तुरंत प्रभाव से वापस लेने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और हटाए कर्मचारियों को वापस लेने की मांग की।

सरकार कर्मचारियों की मांगों को जल्द माने
सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान धर्मेंद्र यादव ने कहा कि सरकार बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को कामयाब समझकर जायज मांगों को तुरंत प्रभाव से मानें। कर्मचारी नेता सुभाष रोहिल्ला ने कहा कि निजीकरण जनता विरोधी है। ये किसी भी प्रकार से कर्मचारी व जनता के हित में नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यदि बिजली प्राइवेट हाथों में चली जाएगी तो किसान मजदूर व आम जन से बिजली पहुंच से दूर हो जाएगी।  

सप्लाई ठप रहने से बढ़ी पेयजल समस्या
नांगल चौधरी। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अधिकांश बिजली सप्लाई के फीडर बंद पड़े हैं। इसमें गांवों में पेयजल समस्या पैदा हो गई। दिनभर इंतजार करने के बाद इधर-उधर पेयजल का प्रबंध करते देखे गए। कर्मचारियों ने बताया कि स्टाफ और संसाधन उपलब्ध नहीं होने के बावजूद बिजली निगम के कर्मचारी सुचारु सप्लाई मुहैया करवा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार निगम का निजीकरण करने पर तुली हुई है। निगम के मुताबिक बुधवार को एपी नोलायजा, नांगल दुर्गू, डीएस कालबा फीडर की सप्लाई सुचारु रही। ढाकोड़ा फीडर के नीचे ढाणी मालिया, बामणवास, आसरावास गांव की एपी और अमरपुरा में बिजली सप्लाई चालू रही। इसके अलावा भुंगारका, धोलेड़ा सब स्टेशन की सप्लाई पूर्ण रूप से ठप रही। ग्रामीणों ने बताया कि वाटर सप्लाई के कनेक्शन घरेलू फीडरों से जोड़े हैं। बिजली के अभाव में पेयजल सप्लाई व्यवस्था बंद पड़ी है। ग्रामीणों को सीमावर्ती गांवों से टैंकर मंगवाने लगे हैं। डिमांड बढ़ने के कारण संचालकों ने टैंकर सप्लाई का चार्ज बढ़ा दिया है।

अटेली में बिल भरने का काम चला
मंडी अटेली। 23 सब डिवीजनों को लेकर अटेली में बिजली कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर रहे। हड़ताल में बिल भरने का कामकाज चलता रहा वही लाइट में भी कोई व्यवधान नहीं रहा। सुबह से ही पुलिस सब डिविजन में पहुंच कर हड़ताल कर्मचारियों को सब स्टेशन से दूर रखा ताकी बिजली फाल्ट कर्मचारी न कर सके। अटेली धर्मबीर यादव सब यूनिट प्रधान की अध्यक्षता में जारी हड़ताल में अधिकतर कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक 23 सब डिवीजनों का निजीकरण का फैसला वापिस नहीं ले लेती और कर्मचारियों की मांगों को पुरा नहीं करती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। एस्मा होने के बावजूद अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर रहे।

हड़ताल के कारण 727 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके बावजूद लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी तथा सभी कामकाज रोज की तरह चले। लोगों की शिकायतों का भी निवारण किया गया।
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नवीन कुमार वर्मा, एसई, नारनौल
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