महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी के गांव दताल में पिछले दो दिन से हाइटेंशन लाइन का खंभा टूटा हुआ होने के कारण सोमवार को करंट युक्त नंगे तारों में उलझकर एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे नांगल चौधरी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। विभाग की लचर कार्यशैली से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार देर सायं करीब 7.30 बजे हिसार-जयपुर नेशनल हाइवे को जाम कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि रविंद्र पुत्र लखीराम गौशाला में नौकरी करता है, जोकि देर शाम पैदल घर आ रहा था। गांव के बस स्टैंड के नजदीक हाइटेंशन लाइन का पोल टूटा पड़ा था। अंधेरे में दिखाई नहीं देने के कारण रवींद्र तारों में उलझ गया। इस दौरान तारों में स्पार्किंग होने के कारण नजदीक खड़े ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हो गई। उन्होंने तुरंत घटना स्थल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बेहोश हालात में पड़े युवक की पहचान करने के बाद परिजनों को सूचना दी गई। इसके बाद नांगल चौधरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की सायं को खंभा टूटा था। इससे कई गांवों की बिजली सप्लाई बाधित बनी हुई है। बावजूद इसके इसे दुरुस्त नहीं किया गया है। बस स्टैंड पर सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्रित रहती है। ऐसे में थोड़ी लापरवाही से जानलेवा हादसा संभव है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने हिसार-जयपुर नेशनल हाइवे के बीचों-बीच पत्थर डालकर सड़क मार्ग को जाम कर विभाग के प्रति जमकर विरोध जताया। वहीं जिला प्रशासन तथा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली निगम के अधिकारी शिकायत मिलने के बावजूद समाधान नहीं करते है। बाधित सप्लाई के चलते ग्रामीणों को गर्मी व पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है।
सूचना पाकर सहायक थाना प्रभारी सतबीर सिंह जाम स्थल पहुंचे और ग्रामीणों को उच्चाधिकारियों को अवगत करवाकर जल्द समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण उपायुक्त तथा निगम के अधीक्षक अभियंता को घटना स्थल बुलाने की जिद पर अड़ गए। ग्रामीणों के गुस्से को भांपकर एसएचओ ने निगम के आला अधिकारियों को सूचना दी। इस पर निगम के आला अधिकारियों ने ग्रामीणों को मंगलवार सुबह तक जर्जर तारों की रिपेयर तथा क्षतिग्रस्त पोल ठीक करवाने का भरोसा दिया। जिससे संतुष्ट ग्रामीणों ने करीब 9 बजे सड़क मार्ग को बहाल किया।
सवारियों की बढ़ी परेशानी
करीब डेढ़ घंटे लगे जाम के चलते सड़क मार्ग के दोनों वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। जिनमें अधिकतर सवारी वाहन थे। लेट होने के कारण अधिकतर सवारी बैचेन देखी गई। वहीं जाम में फंसे यात्रियों ने कहा कि सड़क जाम करना समस्याओं का समाधान नहीं होता। संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन या कार्यालय पर धरना देना चाहिए। जिससे आमजन को परेशानी नहीं होगी और विभाग तुरंत हरकत में आएगा।
थोड़ी हवा चलते ही टूट जाते हैं तार
ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश सप्लाई लाइनों पर 20-25 साल पुराने तार हैं। लोड पड़ते ही तार लाल होकर टूटने लगते हैं। जिससे कई बार आगजनी के हादसे हो चुके, इसके बावजूद निगम पुराने जर्जर तारों बदलने को तैयार नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से नए तार डलवाने व सुरक्षित करवाने की गुहार लगाई है, ताकि आमजन को जानलेवा हादसे की संभावना नहीं रहे।
नया खंभा लगवा दिया
निगम के एसडीओ हनुमान यादव ने बताया कि दताल में खंभा टूटने की शिकायत मिली थी। मंगलवार को नया खंभा लगवा दिया गया है। वहीं ग्रामीणों की बिजली सप्लाई बहाल हो गई है।