नगरपालिका चेयरपर्सन रीना गर्ग ने उपायुक्त आरके सिंह को 14 सितंबर को प्रस्तावित बैठक को रद्द करने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने को लेकर उनके पास पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से स्टे आर्डर है। ऐसे में यह बैठक बुुलाना गलत है। नपा चेयरपर्सन ने इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग ने बताया कि नगर पालिका के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में डबल बैंच में केस चल रहा है। जिसमें डबल बैंच ने स्टे आर्डर दिया हुुआ है। 28 अगस्त 2020 को डीसी के निर्देश पर 14 सितंबर को एक बैठक बुलाई गई है। जिसमें पार्षदों की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाया जाना है। चेयरपर्सन रीना गर्ग ने कहा कि उन्होंने 28 अगस्त को ही इस बारे में उपायुक्त को पत्र लिखकर बैठक के बारे में जारी पत्र को निरस्त करने की मांग रखी थी। 2 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव की बैठक को रद्द करने को लेकर पत्र लिखा है। उपायुक्त ने उन पत्रों पर कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में उन्हें मजबूरी में हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा। रीना गर्ग ने बताया कि न्यायाधीश ने 4 सितंबर को केस नंबर 103 के तहत संज्ञान लेते हुए 11 सितंबर को उपायुक्त को नोटिस पारित कर आगामी तारीख दी। रीना गर्ग ने उपायुक्त से हाई कोर्ट की डबल बैंच की ओर से स्टे आदेश के बावजूद निकाली गई अविश्वास प्रस्ताव बैठक को रद्द करने की मांग की है।