अगस्त 2016 में कोरम पूरा नहीं होने के बावजूद नगर पालिका की कार्यवाही रजिस्टर से छेड़छाड़ कर 16 प्रस्ताव पास करने का आरोप लगाकर एक पार्षद ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर चेयरपर्सन, पार्षद और कर्मचारियों समेत दस पर कार्रवाई की मांग की है। पांच अप्रैल को दी शिकायत में पार्षद का कहना है कि बैठक में छह पार्षद थे। इसके बाद भी मिलीभगत कर कार्यवाही रजिस्टर से छेड़छाड़ कर पार्षदों की संख्या बढ़ाकर प्रस्ताव पास हुए। शिकायत के बाद डीसी ने एडीसी की जांच मिलने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इसमें दस लोगों को टर्मिनेट करने, मामला दर्ज कर प्रशासनिक और संवैधानिक कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में सोमवार को नगर पालिका चेयरपर्सन ने पार्षद द्वारा लगाए आरोपों का विरोध जताकर बदनाम करने का आरोप लगाया है। मामले में चेयरपर्सन का कहना है कि पार्षद भाजपा और आरएसएस का रौब बनाकर सबको धमका रहा है। पालिका चेयरपर्सन ने पार्षद के खिलाफ मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, सांसद समेत आयुक्त और उपायुक्त को शिकायत दी है।
शहर की सरकार बनने के बाद 19 अगस्त 2016 को पहली आम बैठक नगरपालिका में आयोजित की गई थी। उस बैठक में 16 प्रस्ताव पास हुए थे। इसमें सीएम घोषणा भी शामिल थी। वार्ड नंबर-6 के पार्षद अमित मिश्रा के अनुसार बैठक में मात्र छह पार्षद थे जबकि पार्षद सुरेंद्र बंटी के अनुसार बैठक में 10 पार्षद थे। अमित मिश्रा ने बैठक का कोरम पूरा नहीं होने और नगरपालिका की कार्यवाही रजिस्टर के साथ छेड़छाड़ को आरोप लगाकर तत्कालीन उपायुक्त को शिकायत दी थी। उपायुक्त ने इसकी जांच एडीसी को सौंपी थी। एडीसी ने 17 जनवरी 2017 को मामले की जांच कर रिपोर्ट डीसी राजनाराण कौशिक को सौंपी थी। उस पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर पार्षद अमित मिश्रा ने सीएम विंडो में पांच अप्रैल को शिकायत को दी थी।
पार्षद ने यह शिकायत दी
अमित मिश्रा ने पांच अप्रैल को सीएम विंडो में दी शिकायत में बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त के पत्र क्रमांक जांच 8104 की रिपोर्ट 17 जनवरी को आ चुकी है। जांच में महेंद्रगढ़ नगर पालिका चेयरपर्सन समेत आठ पार्षदों, लिपिक और तत्कालीन सचिव पर सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने की पुष्टि हुई है। उन्होंने शिकायत में बताया कि पूरा प्रकरण उपायुक्त महेंद्रगढ़ के संज्ञान में होने के बाद भी ढाई महीने में उक्त पार्षदों और कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने शिकायत में सभी दस दोषियों को टर्मिनेट करने, उपयुक्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराने, शासनिक, प्रशासनिक और संवैधानिक कार्रवाई की मांग की थी।
चेयरपर्सन ने किया विरोध
नगर पालिका चेयरपर्सन रीना बंटी ने वार्ड नंबर- 6 के पार्षद अमित मिश्रा द्वारा सीएम विंडों में लगाई शिकायत का विरोध जताया है। चेयरपर्सन ने नगरपालिका में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमित ने सीएम विंडों में पार्षदों, लिपिक और सचिव को टर्मिनेट कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। वह कानूनी रूप से सरासर गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद अमित मिश्रा सब पर भाजपा और आरएसएस का रौब जमाता है। सीएम से मिलकर सबको टर्मिनेट करवाने की बात कहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद मिश्रा आरएसएस को बदनाम कर रहा है। शहर के विकास कार्यों में बाधक बना हुआ है। पालिका चेयरपर्सन ने मिश्रा के खिलाफ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा, सांसद धर्मबीर सिंह, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष यादव, आयुक्त गुरुग्राम, उपायुक्त महेंद्रगढ़ आदि को शिकायत दी है।
आठ सदस्यों पर होता है कोरम पूरा : पार्षद
बैठक का संचालन हरियाणा नगरपालिका अधिनियम 1972 में प्रावधान अनुसार कुल सदस्यों में से आधे से अधिक सदस्यों के उपस्थित होने के उपरांत ही बैठक का कोरम बनता है। महेंद्रगढ़ नगरपालिका में 15 पार्षद हैं। बैठक में कोरम पूरा करने के लिए आठ पार्षदों का होना जरूरी है।
डीसी का कोट
जांच रिपोर्ट आलाअधिकारियों के पास चंडीगढ़ भेजी जाएगी। अधिकारियों द्वारा जांच के बाद कार्रवाई के जो आदेश आएंगे उसकी पालना की जाएगी। - राजनारायण कौशिक, जिला उपायुक्त