नारनौल। सरसों की खरीद में अब केवल 2 दिन शेष हैं, लेकिन सरसों की आवक जारी है। किसान अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय मंडियों में सरसों की खरीद 15 मार्च से शुरू की गई थी। अंतिम तिथि एक मई निर्धारित की गई है।
जिले में अब तक करीब 1068836.6 क्विंटल सरसों की आवक हुई है। 1026455.5 क्विंटल सरसों की खरीद की गई है। वहीं 926048.4 क्विंटल सरसों का उठान किया गया है। एमएफएमबी पोर्टल पर करीब 87261 किसानों ने सरसों की फसल का पंजीकरण करवाया था, लेकिन अभी तक करीब 42 हजार किसानों ने ही जिले की विभिन्न मंडियों में 1068836.6 क्विंटल सरसों बेची है। अनुमान के मुताबिक जिले में अभी 7 से 10 लाख क्विंटल सरसों की खरीद बाकी है। इस कारण अगर सरसों की खरीद को आगे नहीं बढ़ाया जाता तो क्षेत्र में कई किसान बेचने से वंचित रह सकते हैं। स्थानीय किसानों ने सरकार से अंतिम तिथि को बढ़ाने की मांग की है।
सरसों के 393 और गेहूं के 14.19 करोड़ का हुआ भुगतान
जिले में अब तक सरसों बेचने वाले करीब 30216 किसानों को करीब 393 करोड़ और गेहूं बेचने वाले 1627 किसानों को 14.19 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। जिले में रबी फसल के दौरान मुख्य तौर पर सरसों व गेहूं की फसल उगाई जाती है, लेकिन सरकारी भाव की तुलना में गेहूं का बाजार भाव अधिक है। इस कारण आवक कम रही। जिले की केवल 4 मंडियों में ही गेहूं की आवक दर्ज की गई। नारनौल व नांगल चौधरी अनाज मंडी में गेहूं की आवक शून्य रही। जिले में अब तक 66927.7 क्विंटल गेंहू की खरीद और 64878.5 क्विंटल गेंहू का उठान किया जा चुका है।
अधिकतर किसान सरसों की फसल देरी से उगाई थी, सरसों पछेती होने से सरसों की कटाई अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक जारी रही। इसके बाद सरसों को सुखाने में दिन बीत गए। इस कारण गांव के ही कई किसान ऐसे हैं जो अभी तक सरसों नहीं बेच पाए हैं। सरकार को सरसों खरीद की अंतिम तिथि बढ़ानी चाहिए।-भूप सिंह, किसान, गांव बलाहा खुर्द
शहर की तुलना में गांवों में गर्मियों में शादी-विवाह के कार्यक्रम ज्यादा होते हैं। घर-परिवार में शादी होने के कारण कई किसान ऐसे हैं जो सरसों नहीं बेच पाए। अक्षय तृतीया पर तो सबसे ज्यादा शादियां होनी हैं। इसलिए सरकार से मांग है कि सरसों खरीद की अंतिम तिथि को 15 दिन के लिए और बढ़ाई जाए।-संदीप कुमार, किसान, गांवताजीपुर
सरसों खरीद की अंतिम तिथि 1 मई निर्धारित की गई है। अंतिम तिथि बढ़ाने के बारे में अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं। किसानों से अपील है कि खरीद के शेष दिनों फसल को मंडियों में लेकर आएं, ताकि खरीद बंद होने पर परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।-प्रवीण भारद्वाज, प्रबंधक, हैफेड, नारनौल।