नारनौल। मंडियों में सोमवार को सरसों की आवक में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरकारी खरीद शुरू होने के 10 दिन बाद भी शून्य बनी हुई है क्योंकि बाजार भाव एमएसपी से 300 से 700 रुपये अधिक है। इस कारण किसान अपनी सरसों व्यापारियों को बेच रहे हैं लेकिन कई बार तय भाव और मंडी में वास्तविक भाव में अंतर होने से विवाद भी देखने को मिले।
पुरानी मंडी में करीब 1 हजार क्विंटल, नई अनाज मंडी में करीब 1200 क्विंटल और अटेली में करीब 2500 क्विंटल सरसों की आवक हुई। नारनौल में करीब 52 व अटेली में करीब 140 गेटपास जारी किए गए।
व्यापारी द्वारा पहले लैब की जांच की जाती है और लैब प्रतिशत के आधार पर सरसों के भाव तय करते हैं। जानकारी के अनुसार 42 प्रतिशत लैब तक की सरसों का भाव करीब 7 हजार रुपये, 40 प्रतिशत लैब तक की सरसों का भाव 6800 रुपये और 38 प्रतिशत लैब तक की सरसों का भाव 6500 से 6600 रुपये बना हुआ है।
किसान सरसों मंडी में लाने से पहले नजदीकी लैब केंद्र पर सरसों के लैब प्रतिशत की जांच करवा रहे हैं। इसके बाद परिचित व्यापारियों से फोन पर संपर्क कर लैब प्रतिशत बताकर सरसों का भाव तय कर रहे हैं और मंडी में सरसों ला रहे हैं।
कई बार व्यापारियों द्वारा फोन पर अधिक भाव बताया जाता है लेकिन जब मंडी पहुंचते हैं तो सरसों का कम भाव लगाते हैं। इसके चलते सोमवार को कुछ किसानों का व्यापारियों से भाव को लेकर विवाद भी देखने को मिला और किसान फोन पर तय भाव से कम पर सरसों बेचने से मना करते हुए सरसों वापिस ले गए।
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मैनें कल 6600 के भाव पर सरसों बेची थी, उसी खेत की बची हुई सरसों आज बेचने आया तो व्यापारियों ने भाव में 100 रुपये कम कर दिए। जिसका कारण बाजार भाव में कमी बताया, जबकि बाजार भाव वही बना हुआ था।
-जयनारायण, किसान, गांव बांस की ढाणी
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फोन पर संपर्क कर सरसों का भाव पूछा तो अधिक बताया गया था लेकिन जब मंडी में पहुंचा और लैब प्रतिशत की जांच की तो कम भाव बताया गया। अगर पता होता तो सरसों लाने से पहले लैब प्रतिशत निकलवा कर सरसों बेचने मंडी आता। -प्रदीप यादव, किसान, गांव बसीरपुर
वर्जन :
मंडी में सरसों की खरीद सुचारू बनी हुई है और किसानों की सुविधा के लिए शौचालय, कैंटीन, पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त है। नियमानुसार गेटपास जारी किए जा रहे हैं।
-नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल