नारनौल/महेंद्रगढ़/मंडी अटेली।
कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी का कहना है कि उन पर हमला करने वाले आरोपियों से धारा-307 हटाने के विरोध में कोर्ट की शरण लेंगे। प्रदेश में भाईचारा कायम रखने के लिए सरकार ने बेशक यह कदम उठाया है लेकिन उन पर पांच लोगों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया गया था। स्याही तो एक व्यक्ति फेंक सकता था। नारनौल, महेंद्रगढ़ और मंडी अटेली में कार्यकर्ताओं को 28 नवंबर को कुरुक्षेत्र में होनी वाली सम्मेलन का न्यौता दिया।
पत्रकारों से बातचीत में सांसद सैनी ने कहा कि वे आतंकवादी नहीं हैं। लोगों द्वारा चुने देश की सबसे बड़ी पंचायत के प्रतिनिधि हैं। चरखी दादरी में होने वाले कार्यक्रम को रद्द करवाने के लिए एक जाति विशेष ने कार्यकर्ताओं को धमकाया। उनको धमकी दी गई कि फरवरी जैसे हालात पैदा कर देंगे। कार्यकर्ताओं के कहने पर उन्होंने अपना दौरा कैंसल किया। सैनी ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी एक विशेष जाति या व्यक्ति के खिलाफ कुछ नहीं बोला है। वे कभी भी किसी एक जाति या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। वे तो आरक्षण व्यवस्था में पूरी तरह बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उन पर एक तो हमला हुआ, वहीं उन पर ही मुकदमे बनाने का दबाव सरकार पर बनाया जा रहा है। इसके लिए शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को उनके खिलाफ भड़काया जा रहा है। उसकी आवाज दबने वाली नहीं है। चाहे कुर्सी क्यों ना गवांनी पड़ी। लठ के बल पर आरक्षण लेना कहां का न्याय है। वे आरक्षण देने के खिलाफ नहीं है लेकिन जनसंख्या के अनुसार समानुपात से सभी वर्गोें को आरक्षण मिलना चाहिए।
नारनौल में सैनी सभा में हुए कार्यक्रम में सतीश यादव, रमेश यादव पायलट, श्रीपाल सैनी, जेपी सैनी और रामचंद्र सैनी सहित अनेक समाज के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और कई पार्षद पंच और सरपंच उपस्थित थे। मंडी अटेली में विकास यादव नपा चेयरमैन, अनिल गुप्ता, पवन सोनी, राकेश अग्रवाल, नितिन बिहाली, हनुमान, राजेंद्र सोनी, प्रदीप गोयल सहित अनेक लोगों ने उनका स्वागत किया।
सुरक्षा के थे चाक चौबंद इंतजाम, स्कूल बना छावनी
कुरुक्षेत्र में स्याही फेंकने की घटना के बाद सांसद राजकुमार सैनी की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद कर दी गई थी। रविवार को सैनी के नारनौल दौरे के वक्त डीएसपी महेश कुमार, सुरक्षा अधिकारी डॉ. हरिओम, एसएचओ शहर साधुराम सहित काफी संख्या में पुलिस के जवान पूरे कार्यक्रम तक डटे रहे। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच से गुजरने के बाद ही जाने दिया।