नगर पालिका के खाते में 25 करोड़ रुपये होने के बाद भी शहरवासी पिछले तीन साल से जर्जर सड़कों से गुजरने को मजबूर हैं। नगर पालिका में चेयरपर्सन तथा पार्षदों की आपसी खींचतान के कारण कोई विकास नहीं हो पा रहे। अब शहर के लोगों ने नगर पालिका भंग करने की मांग उठानी शुरू कर दी है। नगर पालिका को भंग करने के लिए सीएम विंडो में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। इससे पहले महेंद्रगढ़ बचाओ संघर्ष समिति ने यह मांग उठाई थी।
नगर पालिका पिछले तीन साल से एक भी टेंडर नहीं लगा सकी है। नगर पालिका लोगों को कोई सुुविधा नहीं दे पा रही। शहर की 90 प्रतिशत सड़कें जर्जर हालत में हैं। जनता की मदद के लिए बनी नगर पालिका अब जनता के लिए ही मुसीबत बन गई है। नगर पालिका चेयरपर्सन तथा पार्षदों के बीच पिछले तीन साल से खींचतान चल रही है। जिस कारण नगर पालिका एक भी विकास कार्य नहीं करा सकी। नगर पालिका के पास 25 करोड़ रुपये होने के बावजूद काम नहीं कराया जा पा रहा।
चेयरपर्सन और पार्षद दोनों एक दूसरे को लगातार अदालत में चुनौती दे रहे हैं। नगर पालिका के ऐसे हालात होने के कारण यहां कोई अधिकारी काम नहीं करना चाहता। ऐसे में लोगों ने नगर पालिका को भंग करने की आवाज बुलंद करना शुरू कर दी है। महेंद्रगढ़ बचाओ संघर्ष समिति ने पिछले महीने नगर पालिका को भंग करने के लिए राज्यमंत्री ओपी यादव को पत्र सौंपा था। समिति ने सीएम मनोहरलाल को भी चिट्ठी लिखी थी। सैनीपुुरा निवासी मनीष ने सीएम विंडो में शिकायत देकर नगर पालिका को भंग करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पार्षदों और चेयरपर्सन के आपसी मतभेद के कारण शहर का विकास पिछले तीन साल से रुका हुुआ है। नगर पालिका में सचिव व म्युनिसिपल इंजीनियर नियुक्त किए जाएं। नपा को भंग कर एसडीएम को नगर पालिका का प्रशासक नियुक्त किया जाए।
यह भी जानिए
नगर पालिका में सचिव सबसे बड़ा पद होता है। पिछले दो साल में 18 बार सचिव का तबादला हुुआ है। अगर औसत निकाला जाए तो हर डेढ़ महीने में सचिव का तबादला होता रहा। छह बार नगर पालिका सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। बार बार अधिकारी बदलने से जनता को भी लगातार परेशानी होती रही।
कैसे होगा काम जब अधिकारी-कर्मचारी नहीं
नगर पालिका में फिलहाल सबसे बड़ा सचिव का पद खाली है। इसके बाद नगर पालिका में दूसरा बड़ा पद म्युनिसिपल इंजीनियर का है। यह पद भी खाली है। इन दोनों के उपलब्ध न होने के चलते कोई टेंडर नहीं लगाया जा सकता। नगर पालिका में बिल्डिंग इंस्पेक्टर, लेखाकार, सफाई दरोगा, सेनेटरी इंस्पेक्टर का पद खाली है।
नहीं लग रहा दरबार...
प्रदेश के गृह एवं शहरी निकाय मंत्री अनिल विज ने पिछले महीने अधिकारियों को रोजाना खुला दरबार लगाने के निर्देश दिए थे। जिसमें रोजाना नागरिकों की समस्या सुुनकर उनका निदान करने के निर्देश थे। महेंद्रगढ़ नगर पालिका में पिछले लगभग एक महीने से दरबार नहीं लगाया जा रहा।
नगर पालिका में अधिकारियों की कमी तथा जनप्रतिनिधियों की आपसी खींचतान के चलते जनता को एनओसी, भवन मैप, प्रॉपर्टी टैक्स, स्ट्रीट लाइट, सफाई सहित अन्य छोटे छोटे काम में भी दिक्कत आ रही है। शहर में सफाई का काम भी सुचारु नहीं हो पाता।
नगर पालिका में अधिकारियों की कमी होने के कारण डीसी, निदेशक, प्रधान सचिव को दो बार लेटर लिख चुके हैं। प्रिंसिपल सेक्रेट्री वी उमाशंकर से मिलकर भी अधिकारी नियुक्त करने की मांग की है। अधिकारी न होने के कारण काम नहीं हो पा रहे। नपा के हालात सुुधारने के लिए शहरी निकाय मंत्री अनिल विज को भी चिट्ठी लिखी है।
- रीना गर्ग, चेयरपर्सन, नगर पालिका, महेंद्रगढ़।