फोटो संख्या:73- गांव करीरा में बाबा भीखम दास मंदिर में श्रीमद् देवी भागवत कथा के दौरान भजन कर
कनीना। उपमंडल के गांव करीरा में बाबा भीखम दास मंदिर में श्रीमद्देवी भागवत कथा के दूसरे दिन मां भगवती के तीन स्वरूपों का वर्णन किया गया।
कथा वाचक पंडित हेमराज भारद्वाज ने श्रीमद्देवी भागवत महापुराण की कथा के दूसरे दिन माता भगवती के तीन स्वरूपों और उनकी महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मां भगवती के तीन स्वरूप हैं। पहले स्वरूप महासरस्वती को ज्ञान की देवी माना जाता है। इस स्वरूप की पूजा-अर्चना व आराधना करने से जीवों को ज्ञान की प्राप्ति होती है। मां भगवती का दूसरा स्वरूप महालक्ष्मी का है।
यह मां की राजस्व शक्ति कहलाती है। इनकी पूजा अर्चना करने से धन-धान्य, ऐश्वर्य एवं समस्त सुखों की प्राप्ति होती है। तीसरे स्वरूप में मां भगवती महाकाली के रूप में पूजी जाती हैं। यह मां भगवती की संहार शक्ति है।
प्रत्येक व्यक्ति को मां के इन तीन स्वरूपों की आराधना अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि ब्रह्मा,विष्णु,महेश भी मां भगवती की आराधना, उपासना करते हैं। बिना शक्ति के ना कोई देख सकता है, ना कोई चल सकता है, ना कोई खा सकता है, ना कोई पी सकता है। जब तक जीवों के अंदर शक्ति है तभी तक वह सारे कार्य कर सकते हैं।