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Mahendragarh-Narnaul News: नवंबर में लड़कों से ज्यादा लड़कियों ने लिया जन्म

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नारनौल। जिले में लिंगानुपात को लेकर नवंबर में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। नवंबर में वर्ष 2018 के बाद सबसे अच्छा लिंगानुपात रहा है। अगर वर्ष 2023 की बात की जाए तो जनवरी से अक्तूबर तक एक बार 900 के पार पहुंचा था, ऐसे में नवंबर में लिंगानुपात में सुधार होने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी नवंबर के लिंगानुपात में ही सुधार हुआ है। इस पहले भी वर्ष 2019 में जनवरी और मई में लिंगानुपात 1000 के पार पहुंचा था, जिसके बाद अब वर्ष 2023 के नवंबर में देखने को मिला है। उधर प्रशासन की तरफ से भी लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। नांगल चौधरी क्षेत्र में ऐसे 5-6 गांव चिह्नित किए गए थे, जहां सात में बेटियों ने जन्म ही नहीं लिया था। उसके बाद प्रशासन की तरफ से कन्या के जन्म पर कुआं पूजन करने के लिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वर्ष 2018 में 898, वर्ष 2019 में 916, वर्ष 2020 में 902, वर्ष 2021 में 904, वर्ष 2022 में 907 और वर्ष 2023 में नवंबर तक 882 लिंगानुपात है।
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जिला में 6 वर्ष में सबसे कम लिंगानुपात पहुंचा

समाज में अभी लोग भ्रूण जांच करवाकर भ्रूण हत्या कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि जिला में 6 साल में सबसे कम लिंगानुपात वर्ष 2023 में दर्ज किया गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने 5 साल में 17 जगह छापेमारी कर भ्रूण जांच करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन इसके बावजूद लिंगानुपात में सुधार नहीं हो रहा है।



वर्ष 2023 में इस प्रकार रहा महेंद्रगढ़ जिले का लिंगानुपात

माह लड़कों ने लिया जन्म लड़कियों ने लिया जन्म लिंगानुपात

जनवरी 563 474 842

फरवरी 531 472 889

मार्च 579 515 890

अप्रैल 429 382 890

मई 496 423 853

जून 418 413 988

जुलाई 586 477 814

अगस्त 695 579 833

सितंबर 646 560 867

अक्तूबर 657 567 863

नवंबर 617 620 1005



स्वास्थ्य विभाग ने लिंग जांच करने वाले गिरोह पर की गई कार्रवाई

वर्ष मामले

2019 01

2020 01

2021 07

2022 05

2023 03


उपायुक्त मोनिका गुप्ता के निर्देशानुसार जिला का लिंगानुपात बेहतर करने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। इसके साथ-साथ गांवों में जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि नवंबर माह के लिंगानुपात में सुधार हुआ है ।
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डॉ. रमेश चंद्र आर्य, सिविल सर्जन नारनौल।
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