नारनौल। शहर के अंदर पानी निकासी के लिए बने नाले इन दिनों सफाई के अभाव में गंदगी से अटे पड़े हैं। इन नालों की सफाई ठीक से नहीं होने के कारण जगह-जगह इन नालों में पानी की निकासी नहीं हो रही है। इसके कारण जरा सी बरसात में इन नालों का पानी सड़कों पर आ जाता है।
शहर में पानी निकासी के लिए विभिन्न मोहल्लों व बाजारों में बने नालों की सफाई यदि अब समय रहते नहीं करवाई गई तो आने वाले दिनों में लोगाें के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अब आने वाली 28 व 29 जून से मानसून सक्रिय हो सकता है। मानसून से पहले शहर के सभी नालों की सफाई करवाना बहुत जरूरी है। क्योंकि अगर नालों की सफाई नहीं हुई तो बाजार में दुकानों व अनेक घरों में बरसात का पानी घुस सकता है। शहर में वीरवार सुबह हुई जरा सी बरसात में ही शहर के अनेक स्थानों पर पानी भर गया था।
शहर में 170 छोटे-बड़े नाले
शहर में छोटे-बड़े नाले मिलाकर 170 के करीब है। इनमें बहुत से नाले तो ऐसे हैं जो बाजार में है और इनमें से पानी की निकासी होना बहुत जरूरी है। शहर के मोहल्लों में बने नालों की सफाई तो दो-चार महीने के अंतराल में हो सकती है। परंतु बाजार के नालों की सफाई हर महीने जरूरी है। नगर परिषद के आगे बना नाला ही गंदगी से अटा पड़ा है। सफाई नहीं होने से ऑटो मार्केट व रेस्टहाउस के बाहर सहित पार्क रोड गली में दुकानों के अंदर तक पानी आ जाता है। इसके अलावा रेवाड़ी रोड, सिंघाना रोड, मोहल्ला रावका, खड़खड़ी, नलापुर, जमालपुर, बावड़ीपुर तथा संघीवाड़ा के नाले गंदगी से अटे हैं।
नालों की सफाई का इस बार नप ने नहीं दिया ठेका
शहर में दो साल पहले नगर परिषद नालों की सफाई का ठेका दिया गया था। जिस ठेकेदार ने नालों की सफाई की उसे अब दो साल बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। बताया जाता है कि नालों की सफाई को लेकर किसी ने शिकायत कर दी थी। अब इस तरह के व्यवधान आ जाने के कारण नालों की सफाई का ठेका लेने से ठेकेदार भी डर रहे हैं। नगर परिषद ने इस बार नालों सफाई के लिए अपने ही वाहन लगा रखे हैं।
नालों की सफाई को लेकर नगर परिषद ने जेसीबी हायर की हुई है। इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्राली उसके पास अपने खुद के हैं। जहां से भी नालों में सफाई नहीं होने की शिकायत आती है, वहां सफाई करवाई जा रही है। मानसून को देखते हुए नालों की सफाई का कार्य चल रहा है और कुछ जगह नालों को साफ भी किया गया है। जल्द ही बचे हुए नालों की सफाई भी हो जाएगी।
सुंदर सिंह श्योराण, एक्सईएन नगर परिषद, नारनौल।