संवाद न्यूज एजेंसी
कनीना। गांव बाघोत में 26 वर्षीय मोहित के आत्महत्या करने के मामले में पांच दिन बीत जाने के बाद भी परिजन शव को ले नहीं गए हैं।
चिकित्सकों ने शव का पोस्टमार्टम के बाद डी फ्रीज में रखा दिया गया है। वहीं पीड़ित पिता का कहना है कि चाहे 40 साल बीत जाए, केस दर्ज होने पर ही शव ले जाएंगे।
चिकित्सकों ने बताया कि डी-फ्रीज में शव पर कीड़े पड़ने के चांस नहीं हैं। यह मामला पुलिस प्रशासन व अस्पताल कर्मचारियों के लिए सिर दर्द बनता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने शव को लेने से तब तक इन्कार कर दिया जब तक की आठ लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज न कर ली जाए। पुलिस प्रशासन न तो एफआईआर दर्ज कर रहा है और न ही पीड़ित परिवार शव को ले जाने के लिए तैयार है। प्रशासन की मानें तो वे पीड़ित परिवार से संपर्क करके समाधान का रास्ता खोज रहे हैं।
मृत युवक के पिता कैलाश बाघोत ने कहा कि पुलिस प्रशासन व हरियाणा सरकार पर विश्वास नहीं है। वह मुख्यमंत्री के पास भी हो आया और चीफ सेक्रेटरी को भी पत्र दे दिया। डीएसपी को भी इंक्वारी के लिए पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि चाहे 40 साल बीत जाए, जब तक केस दर्ज नहीं होगा तब तक वह शव नहीं लेकर जाएंगे।