कनीना। केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। वहीं कुछ विद्यालय ऐसे भी हैं जहां बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। गांव मोड़ी स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में पिछले दो माह से पेयजल संकट है। दबाव के साथ पानी की आपूर्ति नहीं होने से विद्यालय की टंकी खाली रहती है और बच्चे प्यास बुझाने के लिए घर से बोतल में पानी लाते हैं। यह विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है।
कहने के लिए तो राजकीय माध्यमिक विद्यालय के परिसर में पानी की टंकी लगी है। नल भी लगा हुआ है लेकिन दो माह से टंकी भी सूखी पड़ी है। वहीं प्रेशर कम होने के कारण गांव की पेयजलापूर्ति लाइन से विद्यालय में पानी नहीं पहुंच रहा है। अभिभावकों का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में भी विद्यालय में पेयजल की समस्या बनी हुई है। राजकीय माध्यमिक विद्यालय मोड़ी में कक्षा 6 से 8 तक कुल 32 विद्यार्थी हैं। इनमें से 17 लड़कियां और 15 लड़के हैं। सभी मोड़ी गांव के ही हैं।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय मोड़ी में कुल 8 पोस्ट हैं। इनमें से मुख्य अध्यापक, विज्ञान, संस्कृत, चित्रकला, पीटीआई और लिपिक का पद रिक्त है। महज एक अध्यापक ही 32 विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को दी जा रही शिक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्कूल मुखिया महेंद्र सिंह ने बताया कि पानी के अभाव में विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। नल का पानी सुबह थोड़ी देर के लिए ही आता है। उन्होंने 9 मई को भी विभाग को चिट्ठी लिखकर अवगत कराया था कि स्कूल में पानी व अध्यापकों की कमी है।
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वर्जन:-
कुछ समय पहले बताया गया था कि विद्यालय में सिर्फ एक ही अध्यापक है जो कि पूरे स्कूल को देख रहा है। इस प्रस्ताव को उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। पानी की समस्या के बारे में अभी पता चला है। इस बारे में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ से बात कर शीघ्र ही विद्यालय में पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।- राज सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी कनीना