नारनौल। सुप्रीम कोर्ट ने सभी स्कूलों में लड़कियों के लिए मुफ्त सैनिटरी पैड और अलग शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य कर दी है। शनिवार को शहर के मॉडल स्कूलों का पड़ताल की गई जहां कुछ स्कूलों के शौचालय गंदे मिले तो कहीं पिंक बैंक केवल नाम तक सीमित है।
वहीं पीएमश्री मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शौचालयों में सफाई व्यवस्था में कमी पाई गई। इसी प्रकार मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्राओं के लिए बनाए गए नए शौचालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसी विद्यालय में पिंक बैंक भी कार्यरत पाया गया जिससे छात्राएं न केवल पैड प्राप्त कर सकती हैं बल्कि उपयोग के बाद उनका सुरक्षित निस्तारण भी कर सकती हैं। छात्राओं के शौचालयों में सफाई की कमी एक गंभीर मुद्दा है जो उनके स्वास्थ्य, गरिमा और शिक्षा के अधिकार को सीधे प्रभावित करता है
वहीं, पड़ताल के दौरान सामने आया कि जिले के सभी सरकारी स्कूलों में सरकार की ओर से कक्षा छठी से बारहवीं तक की छात्राओं के लिए पर्याप्त मात्रा में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त कई सामाजिक संस्थाएं भी समय-समय पर पैड वितरण अभियान चलाकर सहयोग कर रही हैं। स्कूलों में छात्राओं की सुविधा के लिए एक महिला अध्यापिका को पैड वितरण की इंचार्ज भी नियुक्त किया गया है जिससे किसी भी स्थिति में छात्राएं सीधे संपर्क कर सकें।
अधिकतर स्कूलों में बंद पड़ा पिंक बैंक
सभी स्कूलों में पिंक बैंक उपलब्ध कराए गए थे लेकिन कई स्थानों पर या तो इन्हें स्थापित नहीं किया गया या फिर तकनीकी खराबी के कारण ये बंद पड़े हैं। जिले में बहुत कम स्कूल ऐसे हैं जहां पिंक बैंक नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब सभी स्कूलों में इन्हें स्थापित कर चालू हालत में रखना अनिवार्य हो गया है।
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छात्राओं की उपस्थिति बढ़ेगी, स्वास्थ्य में सुधार होगा और वे बिना झिझक पढ़ाई जारी रख सकेंगी। हमारी ओर छात्राओं की सुविधाओं पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।-प्रोमिला यादव, प्राचार्य मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नारनौल
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छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से समय-समय पर सैनिटरी पैड छात्राओं के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं। शौचालयों की सफाई के लिए सफाई कर्मचारियों के पद खाली है। -शीला कुमारी, प्राचार्य पीएमश्री कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नारनौल