आकस्मिक परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लाइन नारनौल में पुलिस कंपनियों की ओर से दंगा नियंत्रण का व्यापक अभ्यास आयोजित किया गया। यह पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ के निर्देश पर किया।
इस अभ्यास में जिले के विभिन्न थानों से आए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आकस्मिक परिस्थितियों का सामना करने के लिए पुलिसकर्मियों को पूरी तरह से तैयार रहना चाहिए। समाज में सुरक्षा और शांति बनाए रखना हमारा संकल्प होना चाहिए। इस अभ्यास में विधि विरुद्ध भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपकरणों और तकनीकों का उपयोग किया गया। पुलिसकर्मियों को कैन शील्ड, आंसू गैस के गोले, एंटी राइट गन, टियर गैस गन जैसे उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही दंगा नियंत्रण का भी अभ्यास किया गया, जिसमें वास्तविक समय की परिस्थितियों में दंगा नियंत्रण की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान मुख्यालय नारनौल उप पुलिस अधीक्षक हरदीप सिंह और नारनौल उप पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार भी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण कर पुलिस कर्मियों के इक्विपमेंट चेक कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जवानों को दिए गए विशेष प्रशिक्षण का मकसद कम से कम बल का प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित करने से है। पुलिस अधिकारियों द्वारा पुलिस लाइन परिसर में पुलिस जवानों का जज्बा परखा गया। दंगा/भीड़ पर काबू पाने के लिए किस रैंक के अधिकारी/कर्मचारी को किस तरह से अपनी भूमिका को तय करके एक्शन में आना है, इसका भी अभ्यास कराया गया।