कनीना में बनने वाले लघु सचिवालय को कनीना की बजाय अन्य जगह पर बनाए जाने के विरोध में मंगलवार को कनीना के सभी बाजार को बंद रहे। बंद के कारण लोगों को परेशानी भी हुई तथा कस्बे में खरीददारी करने आए गांवों के ग्राहक यहां-वहां भटकते रहे। इस दौरान नेताजी मेमोरियल क्लब एक पंचायत कर प्रबुद्धजनों ने अपनी-अपनी राय दी। उसके बाद कनीना नपा क्षेत्र में लघु सचिवालय बनाए जाने के लिए एसडीएम संदीप सिंह को ज्ञापन सौंपा। बाजार बंद होने के कारण लगभग 50 लाख का व्यापार प्रभावित हुआ।
मंगलवार को कनीना बस स्टैंड क्षेत्र, मंडी मार्ग, आनाज मंडी सहित पूरा क्षेत्र बंद रहा। करीब दो वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कनीना में हुई रैली में लघु सचिवालय व न्यायालय सहित महिला महाविद्यालय, स्टेडियम, अस्पताल, आनाज मंडी, सब्जी मंडी, आईटीआई बनाने की घोषणा की थी। इनके निर्माण को लेकर जमीन तलाशी जा रही है। सचिवालय के लिए गाहड़ा रोड, रेवाड़ी रोड, ककराला रोड, एसडीएम कार्यालय के समीप, चेलावास, उन्हाणी सहित विभिन्न साइटें देखी जा चुकी हैं। लेकिन फैसला नहीं हो सका है। कनीना वासियों का कहना है कि रैली में सभी घोषणाएं कनीना के लिए हुई थी इसलिए इनका निर्माण कार्य कनीना सीमा में ही करवाया जाए। जिसे लेकर मंगलवार को बंद रखा गया।
कई जगहों का किया मुआयना
जिला प्रशासन की ओर से बीते समय उन्हाणी की प्रस्तावित जमीन का अवलोकन किया गया था। जिसे उपयुक्त मान कर उनके कागजात तैयार किए थे। इससे पूर्व गाहड़ा रोड पर पीपलवाला जोहड़ की साइट देखी गई थी। जिसके रिकार्ड में गैरमुमकिन जोहड़ दर्शाया होने के कारण कानूनी पेचीदगी आ गई थी। एसडीएम कार्यालय के समीप जगह का अवलोकन करके अप्रूवल के लिए चंडीगढ़ भेजा गया था, लेकिन न्यायालय व सचिवालय एक की स्थान पर बनाए जाने की शर्त के मुताबिक जमीन कम पड़ जाने के कारण वह साइट भी रद्द हो गई।
-बीडीपीओ कार्यालय
कनीना के लोगों को कहना है कि बीडीपीओ कार्यालय के समीप ही लघु सचिवालय व न्यायालय का निर्माण हो। क्योंकि ये जगह बस स्टैंड के नजदीक पड़ती है यहां लोग आसानी से पहुंच सकते हैं। बैठक में नगरपालिका के पूर्व प्रधान मा. दलीप सिंह, राजेंद्र सिंह लोढ़ा आदि मौजूद रहे।
-बंद होने के कारण नहीं ले पाए सामान
ग्रामीण सुरेश, संदीप, अशोक, संतरा, बर्फी ने बताया कि आज वे बाजार से विवाह शादी का सामान लेने आए थे, लेकिन शहर बंद होने के करण उन्हें सामान नहीं मिल सका। इस समय देवउठनी एकादशी नजदीक होने के कारण बाजार में खरीददारी हो रही है जिससे बाजार में बहुत अधिक भीड़ रहती है। लोग शादी विवाह के लिए कपड़े, ज्वेलरी, जूते, चप्पल, फ्रिज, आदि खरीद रहे थे लेकिन मंगलवार को बाजार बंद रहने के कारण खरीददारी नहीं हो सकी। किसान भी अपनी फसल बेचने के लिए कनीना मंडी में लेकर आए थे लेकिन मंडी बंद होने के कारण उन्हें वापस जाना पड़ा। व्यापार मंडल के प्रधान निरंजन लाल ने बताया कि कनीना में औसतन 50 लाख रुपये का लेनदेन होता है। जो आज नहीं हो सका। सरकारी कार्यालयों में भी ठीक से कामकाज नहीं हो सका। जबकि मेडिकल स्टोर व अस्पताल क्लीनिक, बैंक आदि खुले रहे।
तीन वर्ष पूर्व सरकार द्वारा कनीना में न्यायालय व लघु सचिवालय सहित अनाज मंडी व अन्य निर्माण कार्य करने की घोषणा की गई थी। सरकार की मंशा खराब है, इसलिए कनीना में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। यदि ये सभी घोषणाएं कनीना सीमा में पूरी नहीं की गई तो आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।-राजेंद्र सिंह लोढा, पूर्व नपा प्रधान
कांग्रेस सरकार में कनीना में सब डिवीजन बनाने की घोषणा हुई थी। जिनका कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है मजबूरन आज विरोध स्वरूप पूरे कनीना को बंद रखा गया। जिससे करीब 50 लाख रुपये की व्यापार प्रभावित हुआ है।-रविंद्र बंसल, उपप्रधान व्यापार मंडल
कनीना में लघु सचिवालय व न्यायालय नहीं बनाया जाता है तो जनता जन आंदोलन के लिए तैयार है। सरकार से अनुरोध है कि उनकी भावनाओं का सम्मान करें। -विनय यादव एडवोकेट
कनीना में सचिवालय व न्यायालय आदि का निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू करवाए। ऐसा नहीं किया जाता है तो कनीना वासियों की भावनाओं पर कुठाराघात है। अशोक ठकेदार