नारनौल। पिछड़ा वर्ग संघ सदस्यों ने मंगलवार को गांव भुंगारका के पूर्व सरपंच राजेंद्र प्रसाद की रिहाई की मांग को लेकर मंगलवार एसडीएम सतीश कुमार को मांग पत्र सौंपा। संघ अध्यक्ष मुकेश कुमार सैन ने बताया कि पूर्व सरपंच राजेंद्र प्रसाद को पुलिस थाना नांगल चौधरी ने नौ अप्रैल 2017 के खिलाफ ठेका पर आगजनी का षड्यंत्र करने के तहत दर्ज कर गिरफ्तार किया है। पूर्व सरपंच पिछड़ा वर्ग सैन जाति से संबंध रखता है।
पिछड़ा वर्ग संघ ने इसको लेकर आपातकालीन बैठक की और उसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट कम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर पूर्व सरपंच राजेंद्र प्रसाद की रिहाई की मांग की जाएगी। इस मामले में जिला प्रशासन निष्पक्ष जांच करें और सीबीआई से इस मामले की पूरी जांच करवाएं। उन्होंने बताया कि पूर्व सरपंच राजेंद्र प्रसाद इस मामले में पूर्णतया निर्दोष है। ठेका पर हुई आगजनी पर लगाए गए आरोप झूठे व बेबुनियाद हैं।
पूर्व सरपंच राजेंद्र प्रसाद ने छात्राओं, महिलाओं व ग्रामीणों की आवाज उठाई थी, लेकिन पुलिस ने राजेंद्र प्रसाद को ही गिरफ्तार कर लिया। संघ सदस्यों ने पूर्व सरपंच राजेंद्र प्रसाद को सामाजिक न्याय देकर तुरंत रिहा किया जाए। इस मौके पर सुरेंद्र जांगिड़, महेश नंबरदार, बहादुर दौखेरा, मुंशीराम, हुकुमचंद, विनोद कुमार सैन, महेंद्र कुमार, रवि सैन, आशु सैन, रामअवतार व सतबीर आदि मौजूद थे।