गांव नांगल माला में हुक्का चौपाल में चुनावी चर्चा करते युवा
- फोटो : Narnol
विधानसभा चुनाव की तिथि नजदीक आने के साथ ही जहां प्रत्याशियों का प्रचार चरम पर है। गांवों, शहर में चौपाल, दुकानों, चौक-चौराहों पर बैठे युवाओं, लोगों और युवाओं में भी बस चुनाव ही चर्चा का विषय है। हर कोई उम्मीदवारों के जीत-हार के समीकरण जोड़ रहे हैै। साथ ही कौन सही कौन गलत, किसने काम किए, किसने नहीं किए पर बहस हो रही है। कोई खुलकर तो किसी का विरोध नहीं किया। गांव-शहर में पहुुंचने वाले नेताओं का स्वागत कर रहे हैं। उनके विचार भी सुन रहे हैं। इतना साफ कहना है कि अबकी बार वोट उसको देंगे जो आश्वासन नहीं समस्याओं का समाधान करेगा।
गांव नांगलमाला में हुक्के पर चर्चा कर रहे युवाओं और अन्य ने कहा कि सड़कों की हालत खस्ता है। पहले बनाई थी मगर रखरखाव सही नहीं हुआ। बिजली अब ठीक है मगर गर्मियों में पानी की समस्या हो जाती है। युवाओं ने कहा कि अबकी बार समसरूओं का समाधान करने वाला विधायक चाहिए। इसके लिए वोट मांगने आने वाले सभी प्रत्याशियों को परख रहे है और सोच-समझकर इस बार वोट का प्रयोग करेंगे। हुक्के पर चर्चा करते हुए मोंटी, अमित, ईश्वर, ब्रह्मदत्त, मनीष, अजय, सुमित पवन ने कहा कि नेता अब तो उनके पास आ रहे है, वोट मांग रहे है, सारे काम कराने की हामी भी भर रहे है। जितने के बाद ये दिखते ही नहीं। अबकी बार ऐसा नेता नहीं चाहिए। हमें तो ऐसा नेता चाहिए जो सुख-दुख, हारी-बीमारी में बेरा लेने के लिए आए। हमें उनसे क्या चाहिए, सड़क, गली ठीक करवा दे। अबकी बार सोच समझकर वोट दें।
युवाओं ने सभी से कहा कि वोट डालने के लिए अवश्य जाएं। युवाओं के बीच इस बात को लेकर भी बहस होती दिखी कि किस सरकार में कितनी नौकरी मिली। नौकरी किस तरह से मिली इसको लेकर तो बात विवाद तक पहुंचती दिखी। कोई किसी का समर्थन करता तो दूसरे की टांग खींचता रहा। अपने नेताओं की करतूतों पर भी खूब चटकारे लिए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फेक न्यूज से युवा वर्ग पूरी तरह से प्रभावित नजर आया। युवाओं के पास तथ्य की बजाए सोशल मीडिया का ज्ञान अधिक दिखा।