फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधिकारी सुनते नहीं तो कैसे हो विकास

Thu, 26 May 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
मनोहर सरकार के कार्यकर्ता काफी समय से अधिकारियों पर बातें न सुनी जाने का आरोप लगाते रहे हैं लेकिन अब एक एक सांसद ने भी भरी सभा में ही अधिकारियों की ओर से बातों को न सुने जाने का आरोप जड़ दिया।
विज्ञापन

हुआं यूं कि महेंद्रगढ़-भिवानी के सांसद धर्मबीर सिंह अपने गोद लिए गांव दौंगड़ा अहीर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए गए थे। ग्रामीणों ने उनके सामने समस्याएं रखनी शुरू की तो पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि आपने दो साल में गांव के लिए कितने कार्य करवाए। जिस पर सांसद ने कहा कि वे अब तक पौने तीन करोड़ रुपये का ग्रांट जारी कर चुुके हैं, जिस पर ग्रामीणों की ओर से जवाब आया कि एक पर भी काम शुरू नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने सांसद से शिकायत भरे लहजे में कहा कि गांव बिजली-पानी समस्या से काफी समय से जूझ रहा है लेकिन उनकी तरफ से कोई समाधान नहीं करवाया गया। जिस पर सांसद ने मायूसी भरे लहजे में कहा कि वे क्या करें, उनकी तो अधिकारी सुनते ही नहीं। वहीं इस मौके पर सांसद ने जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन को ग्रामीणों की मौजूदगी में फोन लगाया तो अधिकारी की तरफ से जवाब आया कि वो अभी मीटिंग में हैं, बाद में बात करेंगे। इसके बाद सांसद ने कहा कि देख लो अधिकारी मेरी सुनते ही नहीं हैं।

पानी की समस्या से जूझ रहा है दौंगड़ा अहीर
सांसद के द्वारा गोद लिया गया गांव दौंगड़ा अहीर पानी की समस्या के चलते जूझ रहा है। गांव में पेयजल की इतनी की समस्या है महिलाओं को करीब एक किलोमीटर दूर से कुंओं से पानी लेकर आना पड़ रहा है। इस बारे में पंच फूल सिंह ने सांसद के सामने बात रखी। पंच ने कहा गांव सांसद के द्वारा गोद लिए जाने के बावजूद भी सरकार गांव के लिए कुछ नहीं कर पा रही है। गांव में अधिकतर पाइप लाइनें लीकेज हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को गंदा पानी पीना पड़ता है और पानी अंतिम छोर तक भी नहीं पहुंच पाता।
विज्ञापन


नंगे तारों से हो चुके हैं गांव में हादसे
गांव के काफी घरों के ऊपर से नंगी तारें गुजर रही हैं, ऐसे में इन लोगों को भय के साये में जीना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के फौजी की इन तारों की चपेट में आने से मौत हो चुकी है, वहीं काफी लोग झुलस भी चुके हैं। सांसद को गांव गोद लिए भी काफी अरसा बीत चुका है और सांसद के हर दौरे पर उन्हें इस समस्या से अवगत कराया जाता है लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें