फोटो संख्या:57 आदर्श कॉलोनी में आयोजित कथा में मौजूद बैठे श्रोतागण। संवाद
महेंद्रगढ़। रेलवे रोड स्थित मास्टर कॉलोनी के किशोरी कुंज में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानोत्सव के दौरान वृंदावन धाम से कथा व्यास अक्षय कृष्ण ठाकुर महाराज पधारे। उन्होंने कथा महात्म्य, भक्ति, ज्ञान-वैराग्य, सनत कुमारों, धुंधकारी व गोकर्ण की कथा का वर्णन किया गया। इसके मुख्य यजमान मामन चौधरी, आशा गर्ग सपरिवार रहे।
अक्षय कृष्ण ठाकुर महाराज ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का ज्ञान सबसे पहले भगवान विष्णु ने ब्रह्माजी को दिया था। ब्रह्माजी ने इसे देवर्षि नारद को, नारद ने वेदव्यास को और व्यास ने अपने पुत्र शुकदेव को सुनाया। पृथ्वी पर सबसे पहली बार सार्वजनिक श्रीमद्भागवत कथा सनत कुमारों ने देवऋषि नारद को सुनाई थी। यह कथा उत्तर प्रदेश के शुक्रताल हरिद्वार के पास आयोजित हुई थी।
इसके बाद व्यास के पुत्र शुकदेव महाराज ने राजा परीक्षित को गंगा के तट पर 7 दिनों तक यह कथा सुनाई थी। इसी बात के मद्देनजर सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनने की परंपरा प्रारंभ हुई। एक अन्य प्रसंग के अनुसार उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में गोमती नदी के तट पर स्थित पवित्र तपोस्थली नैमिषारण्य में श्रीमद्भागवत कथा सूत महाराज ने 88 हजार ऋषियों को सुनाई थी।
इस अवसर पर वार्ड पार्षद सरिता राठी, संजय राठी, रतन राठी, सत्यनारायण चौधरी, देवेंद्र चौधरी, जितेंद्र चौधरी, सुरेश राठी, महेंद्र राठी, प्रेम राठी, जुगल राजस्थानी, कमलेश बचीनी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।