सिटी थाना एरिया में एक विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस ने रोहतक पीजीआई में शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मायके वालों की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत अन्य पर दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। महिला के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस को दी शिकायत में विकास नगर रेवाड़ी निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि बेटी ज्योति सैनी (24) की शादी छह मई 2019 को कैलाश नगर नारनौल निवासी संजय सैनी के साथ हुई थी। पिता का कहना हैं कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग बेटी से फोन पर बात नहीं करने देते थे। शादी के बाद से ही बेटी को दहेज के लिए परेशान कर रहे थे। इसलिए दामाद संजय को ज्योति की एक लाख की एलआईसी का बीमा दे दिया था। नरेंद्र के अनुसार 11 मई की बेटे मनीष सैनी के पास ज्योति के जेठ सतीश का फोन आया था। सतीश ने बताया कि ज्योति कि हालत गंभीर है और दिल्ली मे वेंकटेश्वर अस्पताल में भर्ती है। उसकी बचने की संभावनाकम है। पिता का आरोप हैं कि बार-बार फोन करने पर भी बेटी के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई। मनीष ने अस्पताल प्रशासन को फोन किया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि ज्योति की तबीयत गंभीर है और संजय द्वारा इलाज पूरा करने की स्वीकृति नहीं दी गई। जिसके कारण डॉक्टर इलाज नहीं कर पा रहे। इसके बाद पिता ने रेवाड़ी प्रशासन से दिल्ली जाने की स्वीकृति ली जो 13 मई को मिली। मनीष दिल्ली पहुंचा तो पाया कि ज्योति की मौत हो चुकी थी।
पिता का आरोप हैं कि ज्योति सैनी को साजिश के तहत पहले से ही संजय पुत्र ताराचंद ,सतीश पुत्र ताराचंद, सोनू पुत्री ताराचंद और सतीश की पत्नी द्वारा जहरीला पदार्थ दे दिया गया था। पिता के अनुसार बेटी ने होली पर्व पर बताया था कि ससुराल वाले ना तो मायके वालों से मिलने व बात करने देते हैं। ससुराल वाले कई बार जान से मारने की भी कोशिश कर चुके हैं। पिता का आरोप हैं कि बेटी ज्योति को पति संजय सैनी, जेठ सतीश सैनी, जेठानी व ननद सोनू ने मेरी बेटी ज्योति को जहर देकर मारा है। आरोपी संजय एनएचएम के डीपीएम आफिस नारनौल में अनुबंध पर कार्यरत है। ऐसे में बेटी का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में नहीं होना चाहिए।
इस पर पुलिस ने रोहतक पीजीआई में वीरवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। जांच अधिकारी मिनाक्षी ने बताया कि ज्योति को दस मई को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर उसकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया था। जीएच में पुलिसकर्मी बयान लेने गया था लेकिन महिला ठीक नहीं थी। उसका दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई। पिता की शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।