नारनौल। जिले से गुजर रही पावरग्रिड सीकर-नरेला हाइटेंशन लाइन से प्रभावित 35 गांवों के लिए मार्केट रेट तय कर दिया गया। लंबे समय से मुआवजे और दरों को लेकर चल रहा इंतजार अब काफी हद तक खत्म होता नजर आ रहा है।
वहीं, कुछ गांवों के रेट को लेकर किसानों ने आपत्ति जताई है जिसकी जानकारी उन्होंने जिला प्रशासन को दे दी है। प्रशासन ने मामले की जांच कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
इसी बीच खेतड़ी-नरेला हाईटेंशन लाइन से जुड़े लंबित एमआरसी मामलों को लेकर मार्केट रेट कमेटी के चेयरमैन अनिरुद्ध यादव ने किसान हित में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नई कमेटी का गठन किया है।
साथ ही पावरग्रिड बीकानेर-नीमराणा और टाटा पावर बीकानेर-नीमराणा लाइन के लिए भी एमआरसी तय कर दी गई है। इस संबंध में एक अहम बैठक 15 मई 2026 को प्रस्तावित की गई है जिसमें आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।
निर्णय की जानकारी मिलते ही भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब और जिला प्रधान मनोज कुमार को किसानों ने फूलमालाएं पहनाकर सम्मानित किया और मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की।
सतेंद्र लोहचब ने अनिरुद्ध यादव के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि किसानों को उनकी जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने अन्य परियोजनाओं से प्रभावित किसानों से भी एकजुट रहने की अपील की।
कार्यक्रम में रामनिवास पटोदा, मुकेश कुमार, संदीप, महेंद्र, पुष्पेंद्र, अंकित, मदन सरपंच, दाताराम गुर्जर, धर्मपाल, राजकुमार, ओमप्रकाश, विनोद चौधरी सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।