फाेटो संख्या:74- अनाज मंडी महेंद्रगढ़ में लगे बाजरे से भरी वाहनों की लंबी कतार--संवाद
महेंद्रगढ़। सुबह होते ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला मंडी की ओर चल पड़ता है लेकिन अंदर पहुंचते ही किसानों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो जाती है। फड़ पर अनाज रखने की जगह ही नहीं बची। महेंद्रगढ़ की मंडी में इन दिनों बाजरे की आवक लगातार बढ़ रही है, मगर उठान की रफ्तार धीमी होने से परिसर में जगह की कमी हो गई है।
आवक ज्यादा होने से मंडी में वाहनों का दबाव बढ़ गया है। कई जगह वाहन कतार में खड़े नजर आते हैं जिससे जाम की स्थिति बन रही है। किसानों को अपनी बारी के इंतजार में घंटों खड़ा रहना पड़ता है और मंडी में आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को अनाज मंडी में 338 गेटपास काटे गए। कुल 9456 क्विंटल बाजरा पहुंचा, जिसमें से करीब सात हजार क्विंटल की खरीद की गई।
धीमी उठान से बढ़ी परेशानी : मंडी में आवक के मुकाबले उठान की गति कम है, इसलिए फड़ पर अनाज का ढेर बढ़ता जा रहा है। बाजरे के बैग रखने में भी दिक्कत आ रही है। यदि उठान में तेजी नहीं आई, तो आने वाले दिनों में किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है।
इस बार सरकारी खरीद न होने से निजी खरीद हो रही है, जिसके कारण खरीद की गति भी धीमी है। किसानों की मांग है कि उठान प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जाए, ताकि उन्हें बेवजह इंतजार और जाम से राहत मिल सके।
निजी खरीद में 2315 रुपये तक बोली
मंडी में निजी खरीद के दौरान बाजरे की अधिकतम बोली 2315 रुपये प्रति क्विंटल तक रही। किसान का गेटपास और वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद आढ़तियों ने बोली लगाई। हालांकि गुणवत्ता और नमी के स्तर के आधार पर भाव में अंतर हो सकता है। बेहतर दाम की उम्मीद में किसान लगातार अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं।
फाेटो संख्या:74- अनाज मंडी महेंद्रगढ़ में लगे बाजरे से भरी वाहनों की लंबी कतार--संवाद