जिला प्रशासन ने गांवों में तीन दिवसीय कैंप लगाकर परिवार पहचान पत्र बनाने की योजना बनाई है। गांव की आबादी को वार्डों में विभाजित करके ऑपरेटर नियुक्त कर दिए, लेकिन ढाणी बाठोठा में तीन में से केवल एक ऑपरेटर ड्यूटी पर पहुंचा है। जिस कारण अधिकतर ग्रामीणों को घंटों इंतजार करके बैरंग वापस लौटना पड़ा है।
आपको बता दें कि सरकार ने परिवार पहचान पत्र को अनिवार्य दस्तावेज घोषित कर दिया है। जिसमें परिवार के सभी सदस्यों का पूरा रिकार्ड दर्ज रहेगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव वाइज कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त कर दिए। कुछ सीएससी संचालक तथा सक्षम कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ढाणी बाठोठा गांव में करीब 800 पीपीपी कार्ड बनने हैं। ढाणी बाठोठा स्कूल में पीपीपी कार्ड बनाने के लिए तीन ऑपरेटरों को पहुंचना था, जिन्हें अलग-अलग वार्ड सौंपा गया है। परंतु पहले दिन केवल एक ही ऑपरेटर पहुंचा है। जिस कारण दो वार्डों के ग्रामीण कार्ड नहीं बनवा पाए। परेशान ग्रामीणों ने समस्या से पंचायत अधिकारियों को अवगत करवा दिया। बावजूद समाधान नहीं होने से लोगों में आक्रोश बना हुआ है।