नारनौल। शहर के नजदीकी गांव सलूणी में एक फौजी परिवार में जन्मे मनोज यादव भीम अवॉर्डी जूडो के खिलाड़ी अपने पिता को खेल देखते थे। साल 2007 में महज 10 साल की उम्र में मनोज ने भी जूडो सीखने की ठान ली। इस दौरान उनके पहले कोच आईटीबीपी में डिप्टी कमांडेंट पिता विरेंद्र यादव रहे।
उनके पिता से गांव के और बच्चे भी जूडो के दांवपेच सीखते थे। मनोज जूडो में इस कदर डूबे की 17 साल में 21 पदक अपनी झोली में डाल लिए। हालांकि मनोज को दो बार अंतरराष्ट्रीय खेलों में भाग लेने का अवसर भी मिला, लेकिन वहां पर पदक न जीत पाने का मलाल अभी भी है।
2015 में दो बार मिले थे मौके:
मनोज ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साल 2015 में साउथ कोरिया में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स और इसी साल वर्ल्ड जूडो ग्रांड प्रिक्स में खेलने का मौका मिला था, लेकिन दोनों ही बार कड़ी मेहनत के बावजूद वो पदक हासिल कर पाने में नाकाम ही रहे। मनोज ने बताया कि देश के लिए कुछ कर दिखाने का बेहतरीन अवसर मिला था, लेकिन अथक प्रयास के बावजूद भी उसके हाथ नाकामी ही लगी।
पहली बार भी निराशा ही मिली:
मनोज ने बताया कि उसने पहली बार सिहमा में आयोजित हुई सब जूनियर हरियाणा स्टेट प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, लेकिन इस प्रतियोगिता में उसे हार का सामना करना पड़ा था। इस हार से सबक लेते हुए उन्होंने कोच जोगेंद्र से कोचिंग ली और कड़ी मेहनत करते हुए कई पदक हासिल किए। इसी का परिणाम रहा कि 17 साल में उन्होंने अलग अलग प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए 13 गोल्ड, 1 सिलवर व 7 ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए।
2017 में सीआरपीएफ में हुए भर्ती
साल 2017 में मनोज स्पोर्ट्स कोटे से सीआरपीएफ में हवलदार के पद पर सीधा भर्ती हुए और दिल्ली में तैनात हैं। सीआरपीएफ की ओर से खेलते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए तीन ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। फिलहाल मनोज देहरादून में 14 फरवरी तक आयोजित होने वाली नेशनल गेम्स प्रतियोगिता में अपनी टीम के साथ भाग ले रहे हैं।
बॉक्स:
जीते गए पदक पर एक नजर
प्रतियोगिता साल पदक
दक्षिण हरियाणा जूडो चेंपियनशिप, नारनौल 2008 गोल्ड
नेशनल गेम्स, इंदौर 2009 ब्रॉन्ज
सब जूनियर स्टेट, मित्रपुरा 2010 गोल्ड
स्कूल स्टेट गेम्स, हिसार 2010 गोल्ड
स्कूल लेशनल गेम्स, दिल्ली 2011 सिल्वर
जूनियर स्टेट, हिसार 2012 गोल्ड
नेशनल गेम्स, गुरुग्राम 2012 ब्रॉन्ज
सीबीएसई नेशनल गेम्स, देहरादून 2012 गोल्ड
सीबीएसई नॉर्थ जोन, अमृतसर 2012 गोल्ड
जूनियर स्टेट, पलवल 2013 गोल्ड
जूनियर नेशनल, दिल्ली 2013 ब्रॉन्ज
इंटर कॉलेज चेंपियनशिप, कुरुक्षेत्र 2014 गोल्ड
ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चेंपियनशिप, अमृतसर 2014 गोल्ड
जूनियर स्टेट, गुरुग्राम 2014 गोल्ड
नेशनल चेंपियनशिप, शिलोंग 2014 ब्रॉन्ज
सीनियर स्टेट, नारनौल 2014 गोल्ड
जूनियर स्टेट, भिवानी 2015 गोल्ड
जूनियर नेशनल, वडोदरा 2015 गोल्ड
सीनियर नेशनल चेंपियनशिप, जम्मू 2017 कांस्य
ऑल इंडिया पुलिस गेम्स, दिल्ली 2020 कांस्य
ऑल इंडिया पुलिस गेम्स, असम 2024 कांस्य