नारनौल। चिकित्सा परामर्श समिति (एमसीसी) ने एमबीबीएस में दाखिले की पहली काउंसिलिंग के लिए सूची जारी कर दी है। इसके अनुसार हरियाणा में केवल पुराने 6 मेडिकल कालेजों में ही काउंसिलिंग होगी और दाखिले किए जाएंगे।
ऐसे में इस लिस्ट में नारनौल, जींद, भिवानी और यमुनानगर आदि में नए बने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस के दाखिले पर संशय बना है। हालांकि करीब 15 दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कोरियावास मेडिकल कॉलेज का दौरा किया था। उन्होंने कहा था कि इसी सत्र में एमबीबीएस में दाखिले शुरू हो जाएंगे, लेकिन चिकित्सा परामर्श समिति ने जो पहली काउंसिलिंग के लिए अंतिम सीट मैट्रिक्स जारी की है, उसमें कोरियावास मेडिकल कॉलेज का नाम नहीं है।
अब दूसरी लिस्ट में कोरियावास मेडिकल कॉलेज का नाम आने की संभावना है। बता दें कि मेडिकल कॉलेज में एक मई से ओपीडी सेवाएं शुरू हो गई थी। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से न केवल जिला महेंद्रगढ़, बल्कि राजस्थान के गांवों व कस्बों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व अधीक्षण अभियंता राव सुखबिंदर सिंह ने कहा कि नारनौल का कोरियावास मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार है।
ओपीडी भी शुरू हो चुकी है, लेकिन सरकार की इच्छाशक्ति के अभाव में इस कॉलेज में इस वर्ष भी एमबीबीएस कक्षाएं शुरू होने की संभावना नहीं है। क्योंकि एमसीसी द्वारा जारी सीट मैट्रिक्स में प्रदेश के केवल 6 मेडिकल कॉलेजों की ही सीट दिखाई हैं। राव सुखबिंदर सिंह ने सरकार से मांग की है कि औपचारिकता पूरी करके दूसरी काउंसिलिंग में दाखिले करवाने का प्रयास करे।
इंसेट
कॉलेज के नामकरण को लेकर भी चल रहा विवाद
कोरियावास मेडिकल कॉलेज का नामकरण महर्षि च्यवन ऋषि के नाम पर कर दिया गया है, लेकिन कोरियावास के ग्रामीण महर्षि च्यवन ऋषि की जगह शहीद राव तुलाराम के नाम पर करवाना चाहते हैं। इसके लिए वे कॉलेज के मुख्य द्वार के सामने ही करीब दो माह से धरने पर बैठे हुए हैं। अभी हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री ने कॉलेज का दौरा किया था तो धरने पर बैठे लोगों ने नामकरण को लेकर ज्ञापन भी दिया था।
वर्जन
अभी पहली लिस्ट में कॉलेज का नाम नहीं है, लेकिन दूसरी लिस्ट में मेडिकल कॉलेज का नाम आने की संभावना है।- पवन कुमार गोयल, निदेशक, महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज कोरियावास।