नारनौल। राजकीय और निजी विद्यालयों के 8वीं से 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए क्वांटम युग का आगाज, संभावनाएं और चुनौतियां पर ब्लॉक से राष्ट्रीय स्तर तक विज्ञान संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
सभी खंड शिक्षा अधिकारी 7 अगस्त को सुबह 9 बजे से ब्लॉक स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन संबंधित खंड के विद्यालय में करेंगे। इसके बाद जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें पांचों खंडों में खंड स्तर पर आयोजित विज्ञान सेमिनार में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेता विद्यार्थी भाग लेंगे।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ रविंद्र कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में कक्षा 8वीं से 10वीं कक्षा के सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। प्रत्येक प्रतिभागी को सेमिनार शुरू होने से 20 मिनट पहले परीक्षा देनी होगी। प्रतिभागियों को दिए गए विषय पर पांच से छह मिनट की प्रस्तुति देनी होगी।
रविंद्र कुमार ने बताया कि क्वांटम युग की शुरुआत महत्वपूर्ण परिवर्तन है, जिसमें कई संभावित लाभ और चुनौतियां हैं। यह युग कंप्यूटिंग, संचार और सामग्री विज्ञान जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति ला सकता है, लेकिन साथ ही साथ सुरक्षा और गोपनीयता जैसी नई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा। इन चुनौतियों का समाधान करके, हम क्वांटम तकनीक के लाभों का उपयोग कर सकते हैं और एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
साइंस सेमिनार में विद्यार्थी अंग्रेजी, हिंदी अथवा कोई भी मान्यता प्राप्त भारतीय भाषा में विचार रख सकते है। प्रतिभागी दिए गए विषय पर अधिकतम 6 मिनट के लिए बोल सकते हैं। इसके पश्चात उसी विषय पर निर्णायकों द्वारा तीन प्रश्न पूछे जाते है। प्रतिभागी को उनमें से दो प्रश्नों का उत्तर 2 मिनट में देना होता है।
विद्यार्थी अपने विचार रखते समय सहायक चित्र जैसे पोस्टर, चार्ट, स्लाइड (35 मिमी) ऊपरी प्रक्षेपित चित्र या कंप्यूटर पर बने स्थिर स्लाइड का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिनकी कुल संख्या अधिकतम 5 हो सकती है। 3 डी मॉडलों, चलचित्रों, पॉप-अप्स, रोल ओवर्स, वीडियो तथा फिल्मों की किसी भी रूप में अनुमति नहीं होती है।
इंसेट
अंक निर्धारण
प्रस्तुति में वैज्ञानिक तथ्य के 40 अंक, दृश्यों की प्रस्तुति में नवीनता के 15 अंक, वाक भाषा में प्रवाह के 25 अंक, प्रश्नों के उत्तर देने की क्षमता, जिसमे लिखित परीक्षा के 10 अंक और मौखिक परीक्षा के 10 अंक निर्धारित किये गए हैं।
वर्जन-
साइंस सेमिनार का आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक खोज के संबंध में रचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक प्रवृत्ति जागृत करने के उद्देश्य से किया जाता है। उभरते वैज्ञानिकों को विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिलता है। जिला स्तर पर प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी राज्य स्तरीय साइंस सेमिनार प्रतियोगिता में भाग लेंगें।-सुनील दत्त, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी