जिले के चर्चित माधव हत्याकांड मामले में एक आरोपी पर अदालत ने फैसला सुना दिया है। बुधवार दोपहर अदालत ने आरोपी रोहित को विभिन्न धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट के इस फैसले का पीड़ित परिवार ने स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है।
28 अप्रैल 2013 को शहर के मोहल्ला गस्तीवाड़ा निवासी अमित का चार वर्षीय बेटा माधव परिवार के कुछ सदस्यों के साथ गुरुद्वारा कश्मीरी साहेब गया था। इस दौरान वह परिजनों से बिछड़ गया। इसकी सूचना पुलिस में दी गई। बाद में सूचना मिली कि माधव छोटा-बड़ा तालाब के आस-पास देखा गया था।
फिर उसे तालाब में ढूढ़ने की कोशिश शुरू हुई। गोताखोर बुलाए गए। फिर नहर और जनस्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रशासन 4-5 बड़े पंप के जरिए तालाब से पानी निकलवाने में जुट गया। इस तरह 29 अप्रैल की रात में तालाब से माधव के शव को बरामद किया गया। माधव का शव मिलने पर गुस्साए शहरवासियों ने जमकर बवाल काटा। पुलिस पर दबाव बढ़ा और इस तरह शव बरामद होने के 48 घंटे के अंदर पुलिस ने तीन युवकों राहुल, राजेश व रोहित को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली। तीनों आरोपियों को 3 मई को अदालत में पेश किया गया।
स्पेशल कोर्ट में सुनाई सजा
पीड़ित पक्ष के वकील जसबीर ढिल्लो ने बुधवार दोपहर फैसला आने के बाद कहा कि तीन आरोपियों में से एक को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार गर्ग की स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और पॉकसो (प्रीवेंशन ऑफ चिल्ड्रन्स फरोम सेक्चुअल अॅफिंस एक्ट) के तहत दोषी ठहराया था। बुधवार को अदालत ने इस पर अपना फैसला सुनाते हुए उम्र कैद की सजा पर अपनी मुहर लगा दी।
घटना के बाद यूं चली कार्रवाई
पीड़ित पक्ष के वकील जसबीर ढिल्लो ने बताया कि 20 सितंबर 2013 को रोहित ने पहली जमानत अर्जी अदालत में लगाई थी जिसे खारिज कर दिया गया। फिर हाईकोर्ट में अर्जी लगाई तो वह भी खारिज हो गई। फिर 11 अक्टूबर को उस पर चार्ज लगा। 20 नवंबर से गवाहियों का सिलसिला शुरू हुआ। मामले में कुल 17 गवाहियां हुई। 22 मई को केस पर अंतिम बहस हुई। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार गर्ग की स्पेशल कोर्ट ने 27 मई को रोहित को दोषी ठहराया और सजा की तिथि 28 मई निर्धारित की गई। वकील ने बताया कि दो अन्य आरोपी राहुल व राजेश नाबालिग हैं। इसके कारण जुवेनायल जस्टिस बोर्ड में उनका केस चल रहा है। इसमें भी कुल 21 गवाहियां होनी है।
कोर्ट से बाहर निकलते ही पैर मारना चाहा आरोपी
बुधवार सुबह ग्यारह बजे पुलिस आरोपी रोहित को अदालत में पेश कर बाहर बेरिक में ले जाने लगी। उस समय मृतक माधव का पिता अमित आरोपी के आगे चल रहा था। गेट से बाहर निकलते ही आरोपी रोहित ने अमित को पैर उठाकर मारने की कोशिश की। यह घटना अमित के वकील जसबीर ढिल्लो ने भी देखी। इसके बाद पुलिस आरोपी रोहित को बेरिक में ले गई।
फैसले से परिवार खुश
मृतक माधव के पिता अमित ने बताया कि न्यायपालिका में उन्हें शुरू से ही विश्वास था। आज आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है तो न्यायपालिका पर और विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को इस तरह की सजा मिलेगी तभी बच्चों के साथ इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगेगी। आज मेरे परिवार को न्याय मिला है और हम सब इससे खुश हैं।