नारनौल। सेवा, सुरक्षा व सहयोग का नारा देने वाली हरियाणा पुलिस भले ही लोगों को इन तीनों बातों का विश्वास दिला रही हो, मगर एसपीओ पुलिस का सहयोग करने से पीछे हट रहे हैं। हरियाणा पुलिस का साथ देने के लिए भर्ती हुए एसपीओ का कहना है कि काम अधिक, वेतन कम और ड्यूटी 24 घंटे की है। वहीं ड्यूटी भी उन्हें घर से दूर देनी पड़ रही है। इसलिए स्पेशल पुलिस ऑफिसर नौकरी छोड़कर प्राइवेट कंपनियों की ओर भाग रहे हैं। जिला महेंद्रगढ़ में तैनात ऐसे 40-50 एसपीओ नौकरी छोड़ चुके हैं।
प्रदेश भर में पुलिस कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने विशेष पुलिस अधिकारी भर्ती करने का अभियान चलाया था। इसके तहत सेना व अर्ध सैनिक बलों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भर्ती करने का निर्णय लिया गया था। इस कड़ी में जिला महेंद्रगढ़ में 2016 व 2019 में भर्ती निकालकर 340 के करीब एसपीओ भर्ती गए थे। भर्ती करने के दौरान शर्त रखी गई थी कि जवान को केवल एक साल के लिए भर्ती किया जाएगा। वहीं सैनिकों को यह भी आश्वासन दिया गया था कि उन्हें घर के नजदीक बनी चौकी या थाने में ही तैनात किया जाएगा। साथ कार्य करने के घंटे भी पहले आठ घंटे ही निर्धारित किए गए थे। मगर भर्ती होने के बाद उनकी घर से दूर ड्यूटी लगा दी गई। यहीं नहीं निर्धारित से अधिक समय तक उनसे ड्यूटी करवाई जा रही है।
सुविधा कम, काम ज्यादा
नौकरी छोड़ चुके रोशन का कहना है कि भर्ती के समय आठ घंटे तथा इसके बाद 12 घंटे की ड्यूटी देनी पड़ी। साथ ही पोस्टिंग भी घर से दूर कर दी गई। वहीं सुविधा के नाम पर भी कुछ नहीं मिलता हैं। इसलिए धीरे-धीरे कर लोगों का एसपीओ की नौकरी से मोह भंग हो रहा है। जबकि प्राइवेट कंपनियों में सरकार से अधिक सुविधाएं मिल रही हैं। नौकरी छोड़कर एक कंपनी में काम करने वाले अमीलाल का कहना है कि वैसे तो भर्ती के समय यह बताया जाता है कि पुलिस कर्मचारी के समान ही सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। एसपीओ को आकस्मिक अवकाश जो हरियाणा पुलिस के सिपाही के लिए लागू है, के नियम अनुसार प्रदान किया जाएगा। भर्ती किए गए एसपीओ हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित अनुग्रह राशि के भी पात्र होंगे। मगर समय पर कुछ नहीं मिल पाता है।
वर्जन
एसपीओ को नजदीक थाना या चौकी में अधिक समय तक रहने से आमजन की शिकायत आने लग जाती है। इसलिए इन्हें नजदीक थाना या चौकी में नहीं रखा जाता है। एसपीओ की ड्यूटी पुलिस के सिपाही के मुकाबले काफी आसान होती है। ऐसे में ये कहना कि काम अधिक है तो यह सही नहीं है।
- अमरजीत कटारिया, डीएसपी हेडक्वार्टर नारनौल।