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Mahendragarh-Narnaul News: दूध प्रतियोगिता में लोकेश की साहिवाल गाय अव्वल

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सिविल अस्पताल रेवाड़ी। संवाद
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रेवाड़ी। गांव सहारनवास में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से तीन दिवसीय दूध प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें लोकेश यादव की साहिवाल नस्ल की गाय ने प्रथम स्थान हासिल किया। गाय ने प्रतिदिन 15 किलोग्राम से अधिक दूध दिया। बेहतर प्रदर्शन के लिए उसे प्रथम स्थान मिला। विभाग ने पशुपालक को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी।
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प्रतियोगिता का आयोजन पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. विनोद कुमार यादव की देखरेख में हुआ। इस दौरान राजकीय पशु चिकित्सालय सहारनवास के प्रभारी पशु चिकित्सक डॉ. शेखर यादव मौजूद रहे। राजकीय पशु पॉलीक्लिनिक सहारनवास के इंचार्ज डॉ. प्रदीप जांगड़ा भी मौजूद रहे। वीएलडीए वरुण, पशु परिचर प्रमोद कुमार और सुखबीर सिंह भी मौजूद रहे। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
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15 से 40 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि
डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि हरियाणा नस्ल और साहिवाल गायों तथा मुर्रा भैंसों के संरक्षण और बेहतर पालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से दूध प्रतियोगिताएं कराई जाती हैं। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पात्र पशुपालकों को 15 हजार से 40 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इससे पशुपालकों को अच्छी नस्ल के पशुओं के पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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सरल पोर्टल पर शुरू हुआ योजनाओं के लिए आवेदन
उपनिदेशक ने बताया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए सरल पोर्टल पर आवेदन शुरू हो चुके हैं। इच्छुक पशुपालक ऑनलाइन आवेदन कर योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। सामान्य वर्ग के पशुपालकों के लिए चार और 10 पशुओं की डेयरी यूनिट स्थापित करने की योजनाएं उपलब्ध हैं। भौतिक सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों को 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा 20 और 50 पशुओं की हाईटेक डेयरी योजना के साथ 100 पशुओं की यूनिट को भी शामिल करने का प्रस्ताव है।


एससी वर्ग को 50 प्रतिशत तक अनुदान
डॉ. शेखर यादव ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के पशुपालकों के लिए डेयरी यूनिट स्थापित करने पर 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। इसके अलावा भेड़-बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए भी विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान दिया जा रहा है। ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैकयार्ड पोल्ट्री योजना भी शुरू की गई है।
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