प्रेम प्रकाश शर्मा
नारनौल। प्रदेश में 21वीं पशुगणना का कार्य पूरा हो गया है। यह पशुगणना मार्च माह तक पूरी होनी थी, जिसे समय से पहले पूरा कर लिया गया। इन पांच सालों में पशुओं की आबादी 73325 के पास बढ़ी है। वहीं, पांच साल की तुलना में मुर्गियों की संख्या में 12,15,324 की बढ़ोतरी हुई है। इस बार कुल 21,96,418 और पांच साल पहले 9,81,094 मुर्गियों की संख्या जिले में थी। इसके अलावा गाय, भैंस, भेड़, बकरी सहित सभी पशुओं में बढ़ोतरी हुई हैं, लेकिन गधों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। जिले में पांच साल पहले 19 थे और अब 17 दर्ज की गई है।
इस कार्य के लिए 67 गणनाकार, 24 सुपरवाइजर और एक नोडल अधिकारी तैनात किया गया था। टीम ने जिले में 17 श्रेणी के पशु पक्षियों की गणना की है। इसके अलावा टीम ने डोर टू डोर जाकर पशुपालन में प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों के बारे में भी जानकारी जुटाई।
टीम ने पशुपालकों के शैक्षणिक स्तर, मुख्य रोजगार, पशुपालन में महिला या पुरुष में से कौन ज्यादा समय देता है जैसी जानकारी भी जुटाई। यह पशुगणना डिजिटल एप के माध्यम से की गई। अब जिले में पशुओं की संख्या के हिसाब से दवाई, वैक्सीन भेजी जाएगी। इसके अलावा पशुओं की संख्या के आधार पर ही नई संस्थाएं खाेलने के बारे में निर्णय लिया जा सकेगा।
जिले में पांच साल में 19580 बढ़ी गाय
जिले में पांच साल पहले गायों की संख्या 45,276 थी। इस बार पशुगणना में बढ़कर 64,856 पहुंच गई हैं। ऐसे में जिले में पांच साल में 19,580 गायों की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा पशुपालकों में भेड़ व बकरी पालन की तरफ भी रुझान बढ़ा है। हालांकि, इन पांच साल में गधों को छोड़कर सभी पशुओं में बढ़ोतरी हुई है।
जिले में पशुओं की गणना
प्रजाति पांच साल पहले नई संख्या
गाय 45276 64856
भैंस 177359 184525
भेड़ 21210 32207
बकरी 44594 69809
घोड़े 214 372
खच्चर 133 196
गधे 19 17
ऊंट 00 602
सुअर 1342 9896
खरगोश 45 96
कुत्ते पालतू 2218 3168
जिले में पशुगणना के प्रमुख तथ्य
गांव व ढाणियों की संख्या 456
पिछली गणना में कुल घर 178272
वर्तमान गणना में शामिल कुल घर 225494
पिछली गणना में कुल पशु संख्या 292419
वर्तमान में कुल पशुओं की संख्या 365744
वर्तमान में पाली जा रही मुर्गियों की संख्या 2196418
पिछली गणना में मुर्गियाें की संख्या 981094
वर्जन:
जिले में समय पर 21वीं पशु गणना पूरी कर ली गई है। इसके लिए जिले में 67 गणनाकार, 24 सुपरवाइजर और एक नोडल अधिकारी तैनात किया गया था। इससे पहले 2019 में पशुगणना हुई थी। प्रत्येक पांच साल में पशुओं की गणना की जाती है।
-डॉ. चंद्रभान, उपनिदेशक पशुपालन विभाग।