नारनौल। जिले में हुई भारी बारिश से खेतों में जलभराव से किसानों की बाजरे की फसल खराब हो गई। जलभराव से प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे के लिए अवकाश के दिन रविवार व सोमवार को उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग नारनौल में आवेदन जमा कराने वाले किसानों की भीड़ लगी रही।
मुआवजे के लिए किसानों को 72 घंटे में खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए फार्म जमा करवाना होता है। फार्म जमा करवाने की अंतिम तिथि सोमवार थी। मुआवजे के लिए नारनौल ब्लॉक में 3652 व महेंद्रगढ़ में 5780 किसानों ने फार्म जमा करवाये। उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में बाजरे की खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए रविवार व सोमवार को किसानों की भारी भीड़ लगी रही। सांख्यिकी सहायक पंकज कुमार ने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत उन्हीं किसानों के फार्म जमा किये गए जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया था। खराबे के फार्म जमा करवाने के लिए कृषि विभाग के एसडीओ, बीमा कंपनी का कर्मचारी व किसान मौके का मुआयना करेगा। इसके बाद जिन किसानों की जलभराव से फसल खराब हुई है उन्हीं किसानों को बीमा कंपनी से मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे के लिए किसानों को बुआई के समय बीमा कंपनी में प्रीमियम राशि जमा करानी होती है। जिन किसानों ने फसल का बीमा करवाया हुआ है उन्हीं किसानों को बीमा कंपनी से मुआवजा मिलेगा। उन्होंने बताया कि दो दिनों में नारनौल ब्लॉक से 3652 किसानों ने मुआवजे के फार्म जमा करवाए। वहीं महेंद्रगढ़ में 5780 किसानों ने मुआवजे के फार्म जमा करवाए है।