नारनौल। नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को न्यायालय ने आजीवन कारावास व 1 लाख 73 हजार का जुर्माना का जुर्माना लगाया है। वहीं न्यायालय ने लीगल एड को पीड़िता के परिवार को 4 लाख की सहायता राशि प्रदान करने के आदेश दिए हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नाबालिग पीड़िता का अपहरण करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में मंगलवार को केपी सिंह स्पेशल कोर्ट/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट, पॉक्सो नारनौल की कोर्ट ने आरोपी नवीन को दोषी करार देते हुए धारा 363 आईपीसी के तहत 5 वर्ष कठोर कारावास की सजा, धारा 366 आईपीसी के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा, धारा 506 आईपीसी के तहत 3 वर्ष कठोर कारावास की सजा और धारा 6 पॉक्सो के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 1 लाख 73 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामले के अनुसार 13 जनवरी 2022 को नाबालिग पीड़िता के परिजनों ने थाना सदर महेंद्रगढ़ में मामला दर्ज किया गया था। इसमें आरोपी के द्वारा नाबालिग पीड़िता को बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाने के आरोप थे। इस संबंध में थाना सदर महेंद्रगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था। इसके बाद नाबालिग पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवाए गए, जिसमें नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप थे। इसके बाद जांच इकाई के द्वारा महत्वपूर्ण साक्ष्यों का आंकलन कर अभियोग में प्रभावी कार्यवाही करते हुए पॉक्सो के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने पेश किया गया था। मामले की सुनवाई केपी सिंह स्पेशल कोर्ट/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट, पॉक्सो नारनौल की कोर्ट में हुई। न्यायालय में सुनवाई के दौरान उप जिला न्यायवादी भारत भूषण दहिया ने मामले में अभियोजन के पक्ष में प्रभावशाली पैरवी करते हुए न्यायाधीश के सामने दलीलें पेश करते हुए दोषी को सजा दिलाने में भूमिका निभाई।