फोटो नंबर-13नागरिक अस्पताल के पुराने भवन की जर्जर हुई दीवरों के नीचे से गुजरते लोग। संवाद
नारनौल। मानसून शुरू होते ही शहर के जर्जर भवनों को लेकर सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। नगर परिषद सहित कई सरकारी विभागों के पुराने भवनों में कर्मचारी आज भी काम करने को मजबूर हैं। इन भवनों में बरसात के दौरान छतों से पानी टपकने, दीवारों में कमजोरी और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
नगर परिषद परिसर में एक्सईएन कार्यालय के साथ बने कई कमरों की हालत काफी खराब है। बरसात के दौरान छत से पानी टपकता है जबकि दीवारें भी कमजोरी हो गई हैं। इसके बावजूद कर्मचारी इन्हीं कमरों में बैठकर कार्य करने को मजबूर हैं।
कई बार तेज बारिश होने पर कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय तक में पानी भर जाता है। इसी प्रकार नागरिक अस्पताल का पुराना भवन भी लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। भवन की पिछली दीवारें काफी कमजोर हो चुकी हैं और कई बार अंदर व बाहरी दीवारों के हिस्से गिर चुके हैं। बरसात के मौसम में यहां किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
सिंघाना रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय के कुछ पुराने भवनों की स्थिति भी चिंताजनक है। बारिश के दिनों में कर्मचारियों को असुविधा के साथ-साथ सुरक्षा का डर भी सताता है। वहीं महिला आईटीआई के पास स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कार्यालय का भवन भी वर्षों पुराना हो चुका है। यहां बरसात में कमरों की छत से पानी टपकता है।
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नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में काफी मरम्मत कराई जा चुकी है। छत से पानी टपकने की समस्या को लेकर फिलहाल काम चल रहा है। बीच में काम बंद हो जाने के कारण बाहर के काम में कुछ देरी हुई, वैसे इस पुराने भवन का पूरा कार्य करवाया जाना है जो अब फिर से शुरू भी हो चुका है।
-डॉ. आशा शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल, नारनौल
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नगर परिषद का पूरा भवन नया बनना है, जिसके बाद यहां के सभी कार्यालय एक छत के नीचे आ जाएंगे। नए भवन बनाने की प्रक्रिया गति पर है जैसे ही अप्रूवल आएगी जल्द इसका काम शुरू करवाया जाएगा।
-रणबीर सिंह, डीएमसी नगर परिषद, नारनौल