महेंद्रगढ़। प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर में सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। वहीं संसाधनों व कर्मचारियों के अभाव में स्वच्छता रैकिंग में लगातार गिरावट भी आ रही है।
वर्ष 2018 में नगर पालिका की स्वच्छता रैकिंग 68 पर थी। प्रति वर्ष रैकिंग में इजाफे के साथ 2024 में 176 पर पहुंच गई है। महेंद्रगढ़ शहर की आबादी करीब 50 हजार है। तय मानक के अनुसार 400 की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी होना चाहिए। शहर की आबादी के अनुसार नगर पालिका को 125 कर्मचारियों की आवश्यकता है, लेकिन 50 कर्मचारियों पर शहर की सफाई का जिम्मा है। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है।
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प्रति माह लाखों रुपये होते है खर्च:
52 पक्के तथा 17 कच्चे सफाई कर्मचारी है। नगर पालिका की ओर से इन कर्मचारियों को प्रति माह करीब पांच लाख रुपये मानदेय दिया जा रहा है। इसके अलावा कचरा कलेक्शन के लिए 25 दिन में 1.25 लाख रुपये तेल का खर्चा वहन करती है। नगर पालिका की ओर से वर्ष 2022 में तीन लाख 48 हजार 360 रुपये खर्च किए गए थे। वर्ष 2023-24 में नगर पालिका की ओर से करीब तीन करोड रुपये का बजट बनाया गया था, जिसमें से चार लाख 26 हजार 108 रुपये खर्च किए गए है। 2024-25 में नगर पालिका ने करीब तीन करोड़ रुपये का बजट बनाया गया है।
महेंद्रगढ़ शहर में 15 वार्ड हैं। ठेकेदार के 11 वाहनों के माध्यम से पूरे शहर से कूड़ा एकत्रित किया जाता है। वर्तमान में नगर पालिका के तीन टैक्ट्रर हैं। इसमें से दो ट्रैक्टर खराब हैं। एक ट्रैक्टर से पूरे शहर का कचरा कलेक्शन किया जाता हैं। शहर से प्रतिदिन करीब 20 टन गीला व सूखा कचरा निकलता है।
31 अप्रैल को समाप्त हो चुका है टेंडर
सभी वार्डों में घर-घर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर एक निजी कंपनी को दिया गया था। वाहनों के माध्यम से शहर से निकलने वाले कूड़े को शहर के देवास रोड स्थित डपिंग यार्ड में एकत्रित किया जाता है। निजी कंपनी के टेंडर की समयावधि 31 अप्रैल 2024 को समाप्त हो चुकी है। टेंडर की समयावधि समाप्त होने के कारण शहर के विभिन्न मोहल्लों से नियमित कूड़े उठान नहीं हो पा रहा हैं।
इंसेट
17 वर्ष से नहीं हुई कर्मचारियों की भर्ती
नगर पालिका में करीब 17 वर्ष पहले कच्चे सफाई कर्मचारियों की भर्ती हुई थी। अभी तक दोबारा सफाई कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है। फिलहाल पालिका के पास 52 पक्के तथा 17 कच्चे सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से तीन कर्मचारियों को दरोगा बनाया गया है। वहीं सप्ताह में एक दिन प्रत्येक सफाई कर्मचारी का अवकाश मिलता है। प्रतिदिन मानें तो करीब 10 कर्मचारी अवकाश पर रहते है।
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शहर की स्वच्छता रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग
2018 68
2019 86
2020 189
2021 190
2022 190
2023 176
वर्जन
बैठक में सफाई व्यवस्था को लेकर बजट पास कर दिया गया था। पालिका की ओर से घर-घर कूड़ा कलेक्शन, सफाई कर्मचारियों की भर्ती के लिए मांग पत्र उच्च निदेशालय को भेजा गया है। स्वीकृति के बाद कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।- रमेश सैनी, प्रधान, नगर पालिका