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Mahendragarh-Narnaul News: नारनौल रोडवेज वर्कशॉप में स्टाफ-प्रशिक्षण की कमी, हर माह 40 बसें हो रहीं खराब

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नारनौल। नारनौल रोडवेज वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी और नई तकनीक वाली बसों की मरम्मत के लिए प्रशिक्षण नहीं मिलने से रखरखाव व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके कारण बसों में तकनीकी खराबी के मामले बढ़ रहे हैं। औसतन हर माह करीब 40 बसें चलते समय खराब हो रही हैं जिससे बस संचालन पर असर पड़ रहा है।
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वर्कशॉप के विभिन्न तकनीकी विभागों में करीब 200 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 20 पदों पर ही नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। बाकी पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। वर्तमान कर्मचारियों को अशोक लेलैंड कंपनी की पुरानी बसों की मरम्मत का अनुभव है, जबकि टाटा कंपनी की नई बसों की तकनीक अलग होने के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पुर्जों के लिए लंबा इंतजार
नारनौल डिपो में सभी बसें बीएस-6 श्रेणी की हैं। नई बसों के कुछ पुर्जे कंपनी से भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते। मांग भेजने के बाद कई बार एक से डेढ़ माह तक इंतजार करना पड़ता है। क्लच हाउसिंग पुर्जे नहीं मिलने से दो बसों की मरम्मत करीब एक माह से रुकी हुई है।
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प्रशिक्षण कार्यशाला का अभाव
नारनौल डिपो से कुल 137 रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें करीब 80 बसें टाटा कंपनी की नई तकनीक से लैस हैं। कर्मचारियों को इन बसों की मरम्मत का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है। इसके लिए अब तक कोई विशेष कार्यशाला भी आयोजित नहीं की गई है।
वर्जन :
सभी लंबे व छोटे रूट पर बसों का संचालन सुचारू रूप से जारी है। रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए मुख्यालय को जानकारी दी गई है। जल्द ही नियुक्ति होने की उम्मीद है। स्पेयर पार्ट्स का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कुछ आवश्यक पार्ट्स की मांग भेजी गई है।-देवदत्त, महाप्रबंधक, नारनौल डिपो।
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