महेंद्रगढ़। गांव मालड़ा के विकास कार्य इन दिनों पंचायत विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली और बजट की कमी के कारण प्रभावित हो रहे हैं। डीसी व एसडीएम शिविर में अधिकारियों को समाधान निर्देश देते हैं लेकिन समाधान की फाइलें पंचायत विभाग कार्यालय में अटक जाती हैं।
यह बात ग्रामीणों ने मेरा गांव मेरी शान अभियान के तहत रविवार को गांव मालड़ा में लगी चौपाल में कही। उन्होंने पंचायत विभाग पर गांव का विकास ठप करने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नालों की सफाई, टूटी गलियों की मरम्मत और जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं लेकिन समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने और अधिकारियों से मिलने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। गांव के विभिन्न हिस्सों में नाले टूटे पड़े हैं और इससे गंदा पानी गलियों में जमा हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में डीसी और एसडीएम को भी शिकायतें दी हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से नालों की सफाई, टूटे नालों और गलियों की मरम्मत व जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है। साथ ही बारिश में घरों में पानी भरेगा तो ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ कड़ा कदम उठाने को विवश होंगे।
ग्रामीणों की परेशानी ::
गांव के जोहड़ों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। सफाई नहीं होने से बदबू रहती है और आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
-अमर सिंह, ग्रामीण
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घरों का गंदा पानी जोहड़ों में जा रहा है और गांव के नाले अवरूद्ध हो चुके हैं। मालड़ा बास ग्राम सचिवालय के सामने सीवरेज की व्यवस्था काफी बदहाल अवस्था में है। इससे बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है।
-सत्यवीर, ग्रामीण
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गांव की कई गलियों में रात के समय अंधेरा रहता है। स्ट्रीट लाइटें या तो खराब हैं या पर्याप्त नहीं हैं। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। इसका समाधान होना चाहिए।-
हरिकिशन, ग्रामीण
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गांव की गलियों का लेवल सीवर और पेयजल लाइन के कारण बिगड़ा हुआ है। सीवर मेनहोल गली से ऊंचे हैं और इससे हादसे होने का डर बना हुआ है। श्मशान घाट का रास्ता भी उबड़- खाबड़ बना हुआ है।
-रामकिशन, ग्रामीण
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गांव की स्थापना के समय से यह गली बनी थी और कुछ साल एक व्यक्ति ने अपनी प्लॉट की जगह बताकर काम रुकवा दिया। इस गली से करीब 60 घरों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
-प्रभुदयाल, ग्रामीण
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गांव में जलभराव सबसे बड़ी परेशानी है। इसके बारे में 5 साल से डीसी को भी अवगत कराया जा रहा है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया।
-महेंद्र सिंह, पूर्व सूबेदार
वर्जन
बजट सरकार की ओर से भेजा नहीं जा रहा है और गांव के विकास की फाइलें पंचायत विभाग में अटकी हैं। अधिकारी कोई रूचि नहीं दिखा रहा है और ग्रामीण परेशान होने को मजबूर हैं। समाधान शिविर के चक्कर लगाकर भी थक चुके हैं लेकिन शिविर में हामी भरते हैं और फाइलों को बंद कर देते हैं।
-विजय कुमार, सरपंच, मालड़ा बास
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फोटो 75महेंद्र सिंह, पूर्व सूबेदार
फोटो 75महेंद्र सिंह, पूर्व सूबेदार
फोटो 75महेंद्र सिंह, पूर्व सूबेदार
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फोटो 75महेंद्र सिंह, पूर्व सूबेदार
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