नारनौल। जिले के आठ सरकारी स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। सरकार ने इसके लिए 76 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है। इस धनराशि से भौतिक एवं रसायन विभान की तीन-तीन तथा जीव विज्ञान की दो प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। अभी डीएनआईटी प्रक्रिया में हैं। इसी माह टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इस वर्ष अक्तूबर तक प्रयोगशालाएं बनकर तैयार हो जाएंगी। प्रयोगशाला की सुविधा मिलने से संबंधित स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रयोग करने में सहूलियत होगी।
जिले के जिन स्कूलों में मेडिकल एवं नॉन मेडिकल संकाय विषय चल रहे हैं, उनके लिए फरवरी में प्रयोगशाला के लिए चार खंडों के पांच स्कूलों की प्रयोगशाला का इस्टीमेट बनाकर भेजा गया था। सरकार ने लगभग 76 लाख रुपये की तकनीकी मंजूरी दे दी है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बैरावास में रसायन एवं भौतिक विज्ञान की प्रयोगशाला बनाई जाएगी जिस पर लगभग 19 लाख रुपये खर्च होंगे। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल में भौतिक एवं बाघोत में रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला पर 20 लाख रुपये, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में रसायन एवं जीव विज्ञान की प्रयोगशाला पर 19 लाख रुपये खर्च होंगे। इसी प्रकार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल दर्गू में लगभग 18.25 लाख रुपये से जीव विज्ञान एवं भौतिक विज्ञान की प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। अभी डीएनआईटी की प्रक्रिया चल रही है। डीएनआईटी मंजूर होने के बाद इसी माह में सर्व शिक्षा अभियान की ओर से इसके टेंडर लगा दिए जाएंगे। उम्मीद है कि अक्तूबर में प्रयोगशाला का काम पूरा हो जाएगा। वार्षिक परीक्षा से पहले विद्यार्थियों को प्रयोगशाला की सुविधा मिल सकेगी। संवाद
विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा
उक्त स्कूलों में प्रयोगशाला नहीं होने की वजह से बहुत से परिजनों को निजी स्कूलों में भेजना पड़ता था। अब उक्त स्कूल के मेडिकल एवं नॉन मेडिकल संकाय के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। प्रैक्टिकल के माध्यम से विद्यार्थी अपना विषय अच्छे से समझ सकेंगे। इससे उनको नेशनल लेवल की परीक्षा नीट एवं जेईई मेंस एवं एडवांस में भी फायदा मिलेगा। साथ ही 12वीं की बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित कर सकेंगे।
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सरकार की ओर से लगभग 76 लाख रुपये की मंजूरी मिली है। इनसे बेवल, बैरावास, बाघोत, नियामतपुर, नांगल दर्गू में अलग-अलग प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। अभी डीएनआईटी की प्रक्रिया चल रही है। मई में ही टेंडर लगने की उम्मीद है।-राजबाला, जिला परियोजना संयोजक, सर्व शिक्षा अभियान।