फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुमार विश्वास ने कॉलेज कैंपस,अरावली की पहाड़ियों से लेकर महेंद्रगढ़ शहर की शान में पढे कसीदे

विज्ञापन
आरपीएस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोग। - फोटो : Narnol
विज्ञापन
कुमार विश्वास ने कहा क्या सुंदर कैंपस है पहाड़ियों के बीच। यह अरावली की पहाड़ियां नहीं महाराणा प्रताप के पैरों के चिन्ह हैं। आरपीएस ग्रुप की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय बाद इंजीनियरिंग कॉलेज में इतनी भीड़ देखी है। आरपीएस- अमर उजाला ने अरावली की तलहटी में यह शानदार आयोजन के लिए दोनों को बधाई। महेंद्रगढ़ की तारीफ करते हुए कहा कि जिसने कस्बे में जीवन नहीं जिया वह हास्य के सभी रंग को नहीं पहचान सकता। अपनत्व का भाव छोटे कस्बे और गांवों में ही है। उन्होंने कहा जिन्होंने कस्बे की मिट़्टी को नहीं जाना वह इस खुशबू को कभी महसूस नहीं कर सकता। हरियाणवी अंदाज में पूछा के हाल से , मखा राम राम कर लयो।
विज्ञापन

कुमार विश्वास ने अपने पूरे कार्यक्रम में हरियाणवी लोगों की अलग अलग अंदाज में तारीफ की। यहां के जीवन के अलग अलग पहुलओं में बसे हास्य रंग को अनूठे अंदाज में बताकर खूब गुदगुदाया। उन्होंने कहा कि मैं भी मेरठ का हूं। हरियाणा और यूपी वाले साढू हैं। उन्होंने कहा यहां के सीएम मनोहरलाल खट्टर को तो भरोसा ही नहीं हो रहा कि सीएम बन गए हैं। अब इस बार पूरे पांच साल तक यहां वाले छोटे चौधरी साहब उनको सीएम महसूस नहीं होने देंगे। हरियाणवी लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि भगवान प्यार तो यूपी में करते थे। लड़ाई करनी तो हरियाणा में आते थे। यहां के लोग हमेशा लड़ने को तैयार रहते हैं। भगवान कृष्ण ने महाभारत का युद्घ यहां किया। पानीपत में हरियाणा वालों ने युद्ध के लिए स्टेडियम खोल लिया।
जिसमें तीन तीन ऐतिहासिक लडाईयां लड़ी गई। कुमार विश्वास ने कहा कि पहले अंग्रेजों ने हमारी हिंदी की 200 साल से जो हालत कि अब हरियाणा वाले पिछले 70 साल से अंग्रेजी की वही हालत कर पूरा बदला ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोग असभ्य नहीं है यहां की भाषा थोड़ी कठोर है। जब मजबूत खाना खाकर ओलंपिक में मेडल लाते हैं तो बोली भी मजबूत ही होगी ना। कुमार विश्वास ने कहा हरियाणा के लोग पीटने में ही विश्वास रखते हैं। यहां तालियां बजाई नहीं पीटी जाती हैं।
विज्ञापन

राजनीति की लापसी....
दिल्ली के सीएम केजरीवाल पर व्यंग्य करते हुए कहा कि जिस तरह से लापसी उपर से सामान्य महसूस होने पर अंदर से बहुत गर्म होती है। हमारे वाले भी राजनीति की लापसी है। हमें पता नहीं था कि अंदर से इतना गर्म है। उन्होंने कहा दिल्ली में दो आए हुए हैं।जिसमें छोटे वाला तो ज्यादा ही जालिम लोशन है। कई बार दाग छुड़ाने के चक्कर में कपड़े भी फाड़ देता है।
कुमार विश्वास ने अपनी प्रसिद्ध कविता कोईदीवाना कहता है, कोई पागल समझता है और राजनेताओं पर व्यंग करते हुए कहा किइस अधूरी जवानी का क्या फायदा, बिन कथानक कहानी का क्या फायदा। शाम को यादगार बनाते हुए अपनी एक से बढ़कर कविताओं को प्रस्तुत कर श्रोताओं कोमंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे कुमार विश्वास ने बाबा रामदेव पर भी जमकर चुटकी ली। कविताओं के माध्यम से बड़ी भारीसंख्या में बैठे श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
प्रेम की भाषा में गुनगुनाया...
प्रेम की कविता सुनाते हुए कहा -मैं अपने गीत गजलों से उसे पैगाम करता हूं, उसी की दी हुई दौलत, उसी के नाम करता हूं, हवा का काम है चलना, दीये का काम है जलना, वो अपना काम करती है, मैं अपना काम करता हूं। प्रेम की इस कविता पर खूब तालिया बजी।
रात के फर्क का अपने अंदाज में गुनगुनाया तो श्रोता वाह वाह कह उठे-
किसी के दिल की मायूसी,
जहां से हो के गुजरी है,
हमारी सारी चालाकी,
वहीं से खो के गुजरी है,
हमारी - तुम्हारी रात में बस फर्क इतना है,
तुमारी सो के गुजरी है, हमारी हो के गुजरी है।

आरपीएस कॉलेज बलाना में आयोजित एक शाम युवाओं के नाम कार्यक्रम में कविता से माहौल सरोबार करते हुए ड- फोटो : Narnol

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें