फोटो नंबर-07पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण करती अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हर्षाली चौधरी व
नारनौल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को समाज के वंचित, दिव्यांग और विशेष जरूरत वाले बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हर्षाली चौधरी और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने संतोष मेमोरियल दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र तथा जिला नेत्रहीन कन्या विद्यालय का दौरा किया।
सबसे पहले अधिकारियों ने संतोष मेमोरियल दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र प्रबंधन से बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं, थेरेपी सत्रों और रहने-खाने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विशेष जरूरत वाले बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाएं सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इसके बाद न्यायिक अधिकारियों ने मोहल्ला खड़खड़ी स्थित जिला नेत्रहीन कन्या विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं की पढ़ाई, ब्रेल लिपि की पुस्तकों की उपलब्धता, छात्रावास की सुविधाओं और परिसर की स्वच्छता का अवलोकन किया।
अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी बच्चे को कानूनी सहायता या सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की आवश्यकता हो तो इसकी जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दी जाए, ताकि समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।