गांव मालड़ा सराय में दो दिन पहले हुई मानसून की पहली बारिश से गांव के तीनों जोहड़ से पानी निकल कर मेन रास्तों में दो से तीन फुट जमा हो गया। जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सामाजिक कार्यकर्ता सुजान मालड़ा, संपतराम, पूर्व थानेदार बहादुर सिंह, अभय सिंह, सुरेंद्र सिंह, महावीर, संदीप और मोनू ने बताया कि मालड़ा सराय से बसई और बवाना की तरफ जाने वाले रास्ते पानी की वजह से बंद हो गए जिससे राहगीर वैकल्पिक रास्तों के सहारे अपने गंतव्य तक पहुंचे। इसके अलावा बारिश से लावन डिस्ट्रीब्यूटरी के टूटने से भी खेत जलमग्न हो गए। दो दिन की परेशानी के बाद मंगलवार दोपहर बाद केवल एक पंप सेट से खाड्डा वाले जोहड़ से पानी निकालने का काम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि गांव के तीनों जोहड़ बारिश से पहले ही नालियों के गंदे पानी से भरे हुए थे। पिछले साल भी ग्रामीणों ने इनको खाली करवाने तथा छटाई करवाने की मांग सरकार से की थी लेकिन पिछले साल भी केवल पंप सेट से पानी निकाला गया। इस गंभीर समस्या को लेकर गांव के जागरूक युवा अजय यदुवंशी ने भी एक माह पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल को ट्वीट कर समाधान करने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में भी दो फुट पानी भरा खड़ा है जिससे गांव की यह धरोहर अब गिरने की कगार पर है। दो माह पहले इसी उद्देश्य से भरत करवाया था कि बरसात के मौसम में पानी धर्मशाला में न घुसे। वहीं जब
गांव के निवर्तमान सरपंच लालचंद उर्फ बिल्लू ने बताया कि गांव के तीनों जोहड़ो खाड्डा, रतनसर और डोभावाला से गंदे पानी को सीवरेज की सहायता से निकाल कर खुदे हुए एक अन्य जोहड़ में डालने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार के पास भेजा हुआ है। जैसे ही इस कार्य की मंजूरी मिल जाएगी। उसके बाद टेंडर जारी कर काम शुरू करवा दिया जाएगा। जब तक मंजूरी नहीं मिलती है तब तक आमजन को कोई समस्या न हो इसके लिए पंप सेट से पानी निकाला जाएगा।