जिला लोक संपर्क एवं जनपरिवेदना समिति की बैठक में बुधवार को कई मुद्दे छाए रहे। बैठक में पुलिस लाइन में फोर्थ कर्मचारी की मौत और छेड़छाड़ के मामले में पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई। नगर परिषद में नक्शे पास करने में भ्रष्टाचार का मामला भी छाया रहा। पंचायत भवन में उद्योग मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक हुई। बैठक में 18 मामले सुनवाई के लिए रखे गए। इसमें से ज्यादातर का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। दिसंबर के बाद बुधवार को हुई ग्रिवेंसी कमेटी की बैठक में अधिकांश मामले पुलिस विभाग से संबंधित थे।
बैठक में नगर परिषद के जेई द्वारा कथित रूप से किया जा रहा भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया रहा। जन परिवेदना समिति के सदस्य एवं पूर्व में नारनौल से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके पृथ्वी सिंह एडवोकेट ने आरोप लगाया कि नप में भ्रष्ट जेई की जांच रिपोर्ट पर भवनों के नक्शे पास हो रहे हैं। जो सुविधा शुल्क नहीं दे पाते, उनके नक्शे दो-दो साल से अटके हैं। उन्होंने कहा कि जमीन की एनओसी भी सुविधा शुल्क देने के बाद ही मिल पाती है। कुछ दिन पहले हुई नप की बैठक में करीब 500 से अधिक नक्शे पास करने को रखे थे, जबकि केवल 25 नक्शे ही पास हुए। ऐसे में स्पष्ट है कि यहां बिना रिश्वत दिए बगैर कोई काम नहीं होता। नप के ईओ मनोज यादव ने बताया कि नक्शे उनके कार्यकाल से पहले के हैं। इसके अलावा एनओसी नियमों को पूरा करने वालों को ही दी जाती है। वहीं उपायुक्त ने इस मामले में एक कमेटी गठित कर इसकी जांच करने के आदेश दिए।
छेड़छाड़ पीड़िता की मां रो पड़ी
अटेली के एक गांव की छेड़छाड़ पीड़िता की मां बैठक में सबसे सामने कार्रवाई न होने पर रो पड़ी। इस दौरान उसने एसपी समेत पुलिस विभाग व महिला थाने के कई कर्मचारियों को भला बुरा कहा। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों पर रिश्वत लेकर कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया।
पुलिस लाइन में हुई मौत के मामले में 25 मिनट चली बहस
पुलिस लाइन में 25 अप्रैल को हुई एक फोर्थ क्लास कर्मचारी की मौत के मामले में 25 मिनट शिकायत करने आए लोगों और पुलिस अधिकारियों की बहस हुई। इस मामले को उद्योग मंत्री ने ध्यान से सुना और मामले की जांच करने के आदेश एसपी को दिए। बैठक में मंत्री से मिलने आये नलापुर मोहल्ले के लोगों का कहना था कि चिरंजीलाल पुलिस विभाग में राजमिस्त्री के पद पर कार्यरत था। 24 अप्रैल की रात उसके पास कोई फोन आया। वह पुलिस लाइन चला गया। सारी रात घर नहीं आने पर उसकी पत्नी राजबाला ने उसके बेटे को कई बार लाइन में भेजा, मगर उसको लाइन में घुसने ही नहीं दिया। बाद में सुबह उसका पुत्र गया तो वहां पर चिरंजीलाल की लाश फंदे पर लटकी मिली थी। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। वहीं सर पर भी चोट के निशान थे, मगर पुलिस इन सबको नकार कर इसे महज आत्महत्या बता रही है। इस पर मंत्री विपुल गोयल ने इस मामले में एसपी को पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया। वहीं एसपी अनिल धवन ने कहा कि वे इस मामले में किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरतने देंगे।
तय समय पर हो निपटारा
इस मौके पर मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि आमजन की शिकायतों को अधिकारी पूरी गंभीरता के साथ लें। मुख्यमंत्री के निर्देश अनुसार शिकायतकर्ता को तय समय में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे मुख्यालय पर अपनी गुहार लेकर आने वाले नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार चक्कर न कटवाएं। कुछ काम ऐसे होते हैं जो अधिकारी अपने स्तर पर ऐसे नागरिकों की सहायता कर सकते हैं। हम सब जनता की सेवा के लिए बैठे हैं इसलिए मानवीय पहलू को भी ध्यान में रखें।
कई परिवादों का हुआ निपटारा
गांव सिगड़ी के अजीत सिंह की सुनवाई करते समय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि इस मामले में सीएफएल रिपोर्ट मंगवाएं। इसके लिए आज ही डीओ पत्र लिखें। डोहर खुर्द के सत्यपाल की नगर परिषद क्षेत्र में अवैध प्लाट काटने के मामले में उन्होंने निर्देश दिए कि इसमें एनओसी जारी करने वाले नगर परिषद के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गांव बलाहा कलां के रामसिंह के मामले में बिना उसकी जानकारी के वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने वाले के खिलाफ जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि एक बार जिला बार काउंसिल को लिखें। इसके बाद रिकार्ड की जांच करके उस वकील के खिलाफ भी मामला दर्ज कराएं। नियाजअलीपुर की उमराई की जमीन के संबंध में गोयल ने तहसीलदार को निर्देश दिए कि इसमें आज ही इंतकाल दर्ज कराएं।
मधुबन से जल्द रिपोर्ट मंगाने के दिए निर्देश
पूर्व सरपंच घीसाराम की मौत के बारे में उन्होंने निर्देश दिए कि जल्द से जल्द मधुबन से एफएसएल की रिपोर्ट मंगवाएं। गांव महासर की सविता के मामले में उद्योग मंत्री ने निर्देश दिए कि इस मामले में जनपरिवेदना समिति के दो मेंबर सरला यादव और अजीत सिंह को शामिल करके डीएसपी मुख्यालय की अध्यक्षता में एक सप्ताह में जांच कराएं। बांस कांटी के लांस नायक संजय कुमार की शिकायत पर उन्होंने तहसीलदार अटेली को निर्देश दिए कि इस मामले में दो दिन में पैमाइश करवाएं। नांगल चौधरी के अमर सिंह के मामले में उनकी दो पुत्रियों को लाडली योजना में मिलने वाले लाभ में चार वर्ष तक लटकाने वाले जिम्मेदार अधिकारी को जांच करवाने के निर्देश दिए। इस बैठक में उपायुक्त राजनारायण कौशिक, एसपी अनिल धवन, एसडीएम सुरेश कासवां, जिला प्रमुख राजेश देवी, विधायक ओमप्रकाश यादव, गोपाल शरण गर्ग, राजेंद्र दुबलाना, शिवकुमार मेहता, विजय सांगवान, सत्यव्रत शास्त्री, गोबिंद भारद्वाज व पृथ्वी एडवोकेट सहित अनेक लोग उपस्थित थे।