चयनित जेबीटी ने रविवार को शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा के आवास का घेराव करने का प्रयास किया तो पुलिस प्रशासन ने उनको रोकने के लिए बल प्रयोग कर डाला। इस दौरान आठ-दस जेबीटी को हलकी चोटें भी आईं। जेबीटी अध्यापकों ने पुलिस पर बर्बरता पूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने भुवनेश्वर गए थे। उनका जहाज दिल्ली लैंड करने के बाद उन्होंने फोन पर आश्वासन दिया। मंत्री के आश्वासन के बाद चयनित जेबीटी ने आवास के बाहर से उठकर अंबेडकर चौक महेंद्रगढ़ पर बैठने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि वो यहां से तभी जाएंगे जब उन्हें ज्वाइनिंग मिल जाएगी।
गौरतलब है कि चयनित जेबीटी संघर्ष समिति के तत्वावधान में चयनित जेबीटी रविवार को हुड्डा पार्क में एकत्रित हुए थे। इस दौरान लगभग 500 चयनित जेबीटी ने शहर के मुख्य बाजरों के बीच प्रदर्शन करते हुए तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के आवास के पास पहुंचे। वहां पर प्रशासन ने उनको वहीं रोक लिया। प्रशासन की ओर से तहसीलदार दिनेश कुमार, नायब तहसीलदार मुखत्यार सिंह, डीएसपी सतेंद्र कुमार तथा मंत्री के पीए सतबीर सिंह यादव ने उनको काफी समझाने का प्रयास किया। किंतु उनका यही कहना था कि वो प्रशासन को ज्ञापन नहीं देंगे बल्कि शिक्षामंत्री के आश्वासन पर ही यहां से जाएंगे।
आश्वासन के बाद भी नहीं माने जेबीटी
चयनित जेबीटी शिक्षामंत्री के आवास से 50 मीटर दूरी पर थे उस दौरान उनके पीए सतबीर यादव ने उनको आश्वासन दिया कि मंत्रीजी भुवनेश्वर से चल दिए हैं लगभग 5.30 मिनट पर दिल्ली पहुंचकर आपसे फोन पर बातचीत करेंगे। तब तक जेबीटी वहां पर आराम से बैठे रहे और भाषण के माध्यम से सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा निकालते रहे। 5.30 के बाद मंत्री के मीडिया सलाहकार राजेश यादव ने एक चयनित जेबीटी शिक्षिका से बातचीत भी करवाई और मंत्री ने उनको आश्वासन भी दिया किंतु उनके आश्वासन से वो संतुष्ट नहीं हुए और आक्रोशित होकर बेरिकेट्स तोड़ कर आवास का घेराव करने को प्रयास किया। इतना ही नहीं मंत्री के आवास के बंद गेट के ऊपर से अंदर घुसने का प्रयास किया। इसके बाद मजबूरी मे पुलिस ने हलकी लाठी चार्ज करनी पड़ी।
आठ दस को लगीं चोटें
आवास का घेराव करते समय मुख्य गेट पर चढ़ते समय पुलिस ने उनको रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने आक्रोशित चयनित जेबीटी पर हलके बल का प्रयोग किया। इस दौरान नारनौल से संतलाल, गुड़गांव से शकुंतला, सुमन, झगड़ौली से मनोज, पटौदी से आनंद, जैनाबाद से अजीत, आकोदा से राजेंद्र, संतोष, सुरेंद्र तथा तीन चार अन्य के हलकी चोटें आई हैं। इनमें किसी को अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। किंतु अध्यक्ष किशोर जावलिया के पैर में चोट लगी है। किशोर जवालिया ने बताया कि जब वह गेट पर चढ़ रहा था तो ऊपर से गिर गया। गिरने के बाद उसका पैर गेट के बीच में आ गया। इसके बाद अध्यक्ष को पहले एक निजी अस्पताल में ट्रीटमेंट दिलाया और उसके बाद सरकारी अस्पताल में ले जाया गया।
पुलिस पर लगाया आरोप
चयनित जेबीटी संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष किशोर जावलिया ने बताया कि हम मंत्री के आवास पर शांति प्रिय तरीके से जा रहे थे। पुलिस कर्मचारियों ने अंदर से गेट बंद कर लिया और जब हमने खुलवाना चाहा तो उन्होंने लाठीचार्ज कर दी। हम इस लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
शिक्षामंत्री से मिला आश्वासन
शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने दिल्ली से फोन पर सीधी चयनित जेबीटी से सीधी बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेवाड़ी के विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास को आपके द्वारा दिया गया ज्ञापन मेरे पास पहुंच गया है। मैं आपकी समस्या के समाधान के लिए लगा हुआ हूं। आप हमारा सहयोग करें। इसके बाद नवचयनित जेबीटी ने निर्णय लिया कि वो सतनाली चौक मंत्री के आवास से जाएंगे किंतु महेंद्रगढ़ छोड़कर नहीं जाएंगे। वो 20 अप्रैल तक महेंद्रगढ़ के अंबेडकर चौक पर जमे रहेंगे। इसकी परमिशन उन्होंने ली हुई है।
कल से क्रमिक अनशन शुरू
प्रदेश अध्यक्ष किशोर जावलिया ने बताया कि सोमवार से अंबेडकर चौक पर 20 अप्रैल तक क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 15 चयिनत जेबीटी प्रतिदिन क्रमिक अनशन पर रहेंगे। उन्होंने बताया कि आज रात तो सभी को जाने के लिए बोल दिया है कुछेक साथी को अंबेडकर चौक पर आज से ही धरने पर बैठा दिया है। उन्होंने बताया कि अगर 20 अप्रैल को कोर्ट में सरकार उनके पक्ष में कोई सख्त कार्रवाई नहीं की तो वो 23 अप्रैल को फिर शिक्षामंत्री के आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने बताया कि 5 अप्रैल को वो अंबेडकर चौक पर अनिश्चितकालीन धरने के लिए नारनौल सीटीएम से अनुमति ले ली थी।
तीन वर्ष से नहीं हो रही ज्वाइनिंग
संघर्ष समिति के अध्यक्ष किशोर जांवलिया ने बताया कि पिछले तीन वर्ष से ज्वाइनिंग न होने के कारण 12731 चयनित जेबीटी अध्यापक दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। वो कई बार शिक्षामंत्री से इस बारे मिल चुके हैं किंतु वे कभी सात दिन में ज्वाइनिंग, कभी जनवरी के महीने में ज्वाइनिंग देने का आश्वासन देते हैं। 31 मार्च 2016 को माननीय हाईकोर्ट का ज्वाइनिंग देने का फैसला आने के बाद से सभी चयनित जेबीटी को गुमराह किया जा रहा है। अब वो महेंद्रगढ़ से तभी जाएंगे जब उन्हें ज्वाइनिंग लेटर दे दिया जाएगा। इस अवसर पर पवन, राजेंद्र यादव, सुरेंद्र बेनीवाल, संजीव खरकबुरा, कृष्ण बेलरखा, आनंद, ब्रह्मप्रकाश, सरिता, अनिता, शंकुतला, आरती सहित सैकड़ों चयनित जेबीटी उपस्थित थे।