जाट आरक्षण और अन्य मांगों के लिए पांच जून से दोबारा शुरू हुए आंदोलन के बाद बुधवार को पहली बार जिला महेंद्रगढ़ में जाट समुदाय के लोगों ने बैठक कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद जाट समुदाय के लोगों ने सीएम और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। जाटों के प्रदर्शन के लिए पुलिस-प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की जिला इकाई द्वारा समिति के जिला प्रधान हवासिंह लांबा की अध्यक्षता में बुधवार को एक बैठक का आयोजन किया। अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त संजीव कुमार वर्मा को जाटों ने ज्ञापन दिया। इस मामले को लेकर जिला भर के जाट समाज के लोग सुबह ही लघु सचिवालय में एकत्र हुए। जहां पर एक बैठक का आयोजन कर आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी, आंदोलन के दौरान गिरफ्तार लोगों की रिहाई और कोर्ट में मजबूत पैरवी कर आरक्षण पर लगी रोक को हटवाने की मांग की।
बैठक के बाद डीसी को दिया ज्ञापन
बैठक के बाद उपायुक्त को एक ज्ञापन दिया जिसमें आरक्षण की मांग के अलावा अन्य मांगें उठाई। इस ज्ञापन में कहा कि जाट आरक्षण की मांग को लेकर प्रदेश में चल रहे शांतिपूर्ण धरने को कुचलने के लिए हरियाणा सरकार दमनकारी नीति अपना रही है। ज्ञापन में बताया गया था कि फरवरी में हुए जाट आंदोलन के बाद हरियाणा सरकार ने जो मांगें रखी थी वे सभी मान ली गई थी। इसके बाद 29 मई को भी जाट प्रतिनिधिमंडल मिला था और हरियाणा में जाट समाज के प्रति नफरत तथा जाट समाज के साथ हो रहे अत्याचार व अन्याय से संबंधित बातें से अवगत करवाया गया था। इसके बाद जाट समाज में चरणबद्ध आंदोलन के लिए जाट समाज तैयार हुआ। अब जाट समाज के खिलाफ साजिशें, अत्याचार तथा अन्याय ज्यादा हो गया है।
गांव-गांव जाकर करेंगे आंदोलन को मजबूत
इस मौके पर जाट आंदोलन को मजबूती प्रदान करने के लिए एक 11 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। यह टीम जिला भर के जाट बाहुल्य में जाकर लोगों को जाट आंदोलन से ज्यादा से ज्यादा जुड़ने तथा जाटों पर हो रहे अत्याचारों के बारे में बताएगी। इस अवसर पर हवासिंह लांबा, हजारीलाल, जलेसिंह, होशियार सिंह लांबा, चैनसुख तोताहेड़ी, कर्ण सिंह थाना तथा मनोहर लाल आदि उपस्थित थे।