नारनौल। प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर लोन दिलाकर ठगी करने के मामले में नारनौल आईटीआई के प्राचार्य विनोद कुमार भी सामने आए हैं। विनोद ने सात नामजद व संबधित बैंक मैनेजरों पर करीब 1.99 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है।
विनोद की शिकायत पर पुलिस ने मीर सिंह, आशुतोष, राकेश, दमन कपूर, जोगिंद्र, डायरेक्टर एंजल इंडस्ट्रीज, अनिल कुमार और संबंधित बैंक मैनेजरों के एफआईआर दर्ज कर ली है।
गांव झगड़ौली निवासी विनोद कुमार ने बताया कि वर्ष 2022-23 के दौरान अतिरिक्त कार्यभार संभालते समय उनकी मुलाकात महेंद्रगढ़ निवासी मीर सिंह, उसके पुत्र आशुतोष और उनके सहयोगियों से हुई। आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें अच्छी प्रॉपर्टी दिलाने और एमएसएमई योजना के तहत लोन लेकर फैक्टरी स्थापित कराने का झांसा दिया।
आरोप है कि आरोपियों ने उनके दस्तावेज लेकर अलग-अलग बैंकों से कई लोन स्वीकृत करा दिए और फरवरी 2024 में उनके खाते में आई रकम को अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिया।
इसके अलावा एंजेल इंडस्ट्रीज नामक कंपनी के खाते में भी परिवार व रिश्तेदारों से लाखों रुपये जमा करवाए गए। कुल मिलाकर करीब 1.99 करोड़ रुपये आरोपियों ने हड़प लिए।
बाद में आरोपियों ने 39.57 लाख रुपये का चेक भेजा जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया और पैसे मांगने पर धमकियां देने लगे।
शहर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों व संबंधित बैंक अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आईटीआई महिला अनुदेशक ने भी दर्ज कराया था मामाला
शहर स्थित डिफेंस कॉलोनी निवासी राजकीय आईटीआई महेंद्रगढ़ महिला अनुदेशक ने उसके सहकर्मी व छह अन्य लोगों पर प्लॉट दिलाने के नाम पर 3.78 करोड़ रुपये का लोन दिलाकर उसे ठगने का आरोप लगाया है। महिला ने वीरवार को शहर थाना पुलिस में इन्ही सात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि मीरसिंह ने उनको मुनाफे का लालच दिया और चार बैंकों में सैलरी लोन करा दिया।